न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर में बिजली के तारों का मकड़जाल सुचारु विद्युत आपूर्ति में बाधक बन रहा है। ऊर्जामंत्री के आदेश के बाद विभागीय अफसरों ने आज तक भूमिगत लाइन के लिए डीपीआर नहीं बनाई है। भूमिगत लाइन बनाने की यह योजना कागजों में सिमटी हुई है। आए-दिन जर्जर लाइनों में फाल्ट हो रहे हैं। इस कारण शहर वासियों को हर रोज कई घंटे बिना बिजली के रहना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा ने मेला श्रीदाऊजी महाराज में आगमन के दौरान ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा से शहर में तारों का मकड़जाल खत्म करने के लिए भूमिगत लाइन डलवाने की मांग की थी। ऊर्जामंत्री ने भूमिगत लाइन की डीपीआर तैयार करने के लिए बिजली अफसरों को निर्देश भी दिए थे।
नगर पालिकाध्यक्ष इस संबंध में ऊर्जामंत्री को लखनऊ जाकर पत्र भी देकर आए थे। उसके बाद कुछ दिन तक विभाग में अंडर ग्राउंड लाइन को लेकर हलचल भी चली, लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। बिजली अधिकारियों की हीलाहवाली के कारण शहर के लोगों को जर्जर लाइनों में फाल्ट के कारण आए-दिन बिजली संकट झेलना पड़ रहा है।
ऊर्जामंत्री जब मेले में आए थे तो मैने उनसे शहर में भूमिगत लाइन डलवाने की मांग की थी। इस पर ऊर्जामंत्री ने बिजली अफसरों को डीपीआर बनाने के निर्देश दिए थे। उसके बाद मैं खुद लखनऊ जाकर भूमिगत लाइन के संबंध में उनको पत्र भी देकर आया था। विभाग ने पता नहीं डीपीआर बनाई है या नहीं।
-आशीष शर्मा, नगर पालिकाध्यक्ष