हाथरस : बिटिया प्रकरण की तारीख के चलते जिला न्यायालय में जातीं अधिवक्त सीमा कु्शवाहा। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बहुचर्चित बिटिया प्रकरण में बृहस्पतिवार को चारों आरोपियों की कड़ी सुरक्षा के बीच पेशी हुई। बिटिया की मां की भी न्यायालय में गवाही हुई। कोर्ट ने अब इस मामले में सुनवाई के लिए 21 अक्तूबर अगली तिथि नियत की है। न्यायालय परिसर में काफी पुलिस बल भी तैनात रहा।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल 14 सितंबर को चंदपा क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ गांव के ही चार युवकों ने दुष्कर्म किया था और उसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या का प्रयास किया था। इस युवती ने दिल्ली के एक अस्पताल में कुछ दिन बाद दम तोड़ दिया था। घटना के बाद काफी सियासत हुई थी। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई ने इस मामले में चारों आरोपियों रामू, रवि, संदीप व लवकुश के खिलाफ आरोपपत्र विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) में दाखिल किया गया था। इस मामले में कोर्ट में इस समय सुनवाई हो रही है। चारों आरोपियों को बिटिया की मौत से पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। वह तभी से अलीगढ़ जेल में निरुद्ध हैं।
बृहस्पतिवार को फिर इस मामले में सुनवाई हुई। कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस अलीगढ़ जेल से आरोपियों को लेकर आई। वहां से पुलिस ने इन्हें कोर्ट में पेश किया। बिटिया की मां व भाई भी सीआरपीएफ की सुरक्षा में गांव से न्यायालय पहुंचे। बिटिया की मां की कोर्ट में गवाही हुई। सीबीआई की ओर से वकील अनुराग मोदी, बिटिया पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट की वकील सीमा कुशवाहा व स्थानीय अधिवक्ता महीपाल सिंह निमहोत्रा मौजूद थे तो अभियुक्तों की ओर से मुन्ना सिंह पुंढीर मौजूद थे। कोर्ट ने अब इस मामले में 21 अक्तूबर को सुनवाई के लिए अगली तिथि नियत की है।