काम देने में हाथरस, मुरसान, सासनी की स्थिति दयनीय
मनरेगा में जॉब कार्डधारकों को नहीं मिल पा रहा काम
वित्तीय वर्ष की समाप्ति को लेकर अफसर चिंतित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। मनरेगा के तहत मानव दिवसों के वार्षिक लक्ष्यों की पूर्ति के लिए विभागीय अधिकारी जुट गए हैं। मनरेगा के तहत ग्रामीणों को काम देने में हाथरस, मुरसान और सासनी ब्लॉक की स्थिति बेहद खराब है। पीडी डीआरडीए ने मानव दिवस के सृजन के लिए संबंधित बीडीओ व एपीओ को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले ही लक्ष्य को पूरा कर भुगतान करने की स्थिति भी शत प्रतिशत की जाए।
शासन स्तर से वर्ष 2019-20 की कार्ययोजना के सापेक्ष मनरेगा के तहत आठ लाख मानव दिवसों को सृजित करने का लक्ष्य दिया गया था। इस लक्ष्य के सापेक्ष ब्लॉक बार कार्ययोजना तैयार करते हुए मानव दिवसों का लक्ष्य आवंटित किया गया था। इस लक्ष्य की मासिक समीक्षा भी समय समय पर विभागीय अधिकारियों द्वारा की जाती रही। इसके बावजूद जिले के हाथरस, सासनी और मुरसान ब्लॉक की मनरेगा के तहत जॉब कार्डधारकों को काम देने की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है।
समीक्षा में सामने आया कि ब्लॉक हाथरस में लक्ष्य के सापेक्ष 63.97 फीसदी, मुरसान में 71.90 फीसदी और सासनी में 74.07 फीसदी तक ही लक्ष्य पहुंच सका है, जबकि अन्य ब्लॉकों में 80 फीसदी ऊपर लक्ष्य पहुंच चुका है। यहां तक कि सिकंदराराऊ में तो लक्ष्य के सापेक्ष 102.38 फीसदी जॉब कार्डधारकों को मनरेगा से काम दिया जा चुका है। पीडी एके मिश्र ने तीनों ब्लॉकों के बीडीओ और एपीओ मनरेगा को निर्देश दिए हैं कि तालाब निर्माण सहित अन्य कार्यों को तेजी से पूरा कराकर मानव दिवसों के लक्ष्य की पूर्ति की जाए।
ब्लॉक वार्षिक लक्ष्य सृजित मानव दिवस
हसायन 122436 108285
हाथरस 108035 69114
मुरसान 110642 79556
सादाबाद 120070 108054
सासनी 120003 88892
सहपऊ 107006 93468
सिकंदराराऊ 111808 114465