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हाथरस : कोरोना का खतरा बढ़ा, फिर भी रोडवेज अफसर बेपरवाह

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हाथरस : रोडवेज बस स्टैंड पर कोरोना से बचाव के नहीं हैं कोई इंतजाम। - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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अन्य राज्यों में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन रोडवेज अधिकारी इस खतरे से बेपरवाह नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि रोडवेज बस स्टैंड परिसर से कोविड हेल्प डेस्क और यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था नदारद है। अब न तो चालक-परिचालक और न हीं यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग की जा रही है। बसों का सैनिटाइजेशन भी नहीं कराया जा रहा, जिससे यात्रियों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
कोरोना काल में जब रोडवेज बसों के संचालन की शुरुआत की गई थी तो परिवहन निगम मुख्यालय ने सुरक्षा को देखते हुए बस स्टैंड पर कोविड हेल्प डेस्क बनाई थी। चालक-परिचालकों और यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था की थी। बसों को भी हर दिन सैनिटाइजेशन के बाद ही मार्ग पर भेजने के निर्देश दिए गए थे।
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कुछ समय तक तो इस व्यवस्था पर अमल हुआ, लेकिन कोरोना संक्रमितों के आंकड़े में कमी आने के बाद रोडवेज प्रशासन इसे लेकर बेपरवाह हो गया। अब चूंकि दिल्ली और मुंबई समेत देश के कई राज्यों में कोरोना का संक्रमण फिर तेजी से फैल रहा है। ऐसे में इन सुरक्षा इंतजामों की जरूरत फिर महसूस हो रही है, लेकिन रोडवेज प्रशासन ने अभी तक इस पर अमल शुरू नहीं किया है।
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एहतियाती उपायों के अभाव में रोडवेज बसों में हर रोज सफर करने वाले यात्रियों के संक्रमित होने का डर सता रहा है। यदि बस में थर्मल स्कैनिंग के बाद यात्री सवार हों तो संक्रमण का पता चल सकता है। हालांकि हाथरस डिपो की एआरएम शशी रानी का कहना है कि बस स्टैंड पर कोविड डेस्क बनी हुई है, लेकिन यात्री थर्मल स्कैनिंग के लिए परिसर में न आकर मार्ग से ही बसों में सवार हो जाते हैं। परिसर में आने वाले यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग लगातार की जा रही है।
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