न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर के सराफा बाजार में भारतीय मानक ब्यूरो से लाइसेंस लेकर हॉलमार्क युक्त सोना बेचना अनिवार्य हो गया है। अब ज्वेलर्स सोने की कीमत में मिलावटी गहने नहीं बेच सकेंगे। जो ऐसा नहीं करेगा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सराफा कारोबारियों की नोएडा की एक कंपनी के साथ हॉलमार्क को लेकर ऑनलाइन मीटिंग भी हो चुकी है। चूंकि कोरोना काल के चलते कंपनी के लोगों के साथ खुली बैठक नहीं हो पा रही है। लेकिन सराफा करोबारी जल्द बैठक करने की बात कह रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि भारतीय मानक ब्यूरो की नई व्यवस्था में सोने के सिर्फ 14,18 एवं 22 कैरेट गहने ही बिकेंगे। अब कोई कारोबारी गहने पर 18 कैरेट का हॉलमार्क का ठप्पा लगाकर 14 कैरेट सोना नहीं बेच सकेगा। कारोबारियों की मानें तो सोने के गहने में तांबा, चांदी, का मिश्रण धातुओं की मिलावट होती रही है।
अब ग्राहकों को गहने में इन धातुओं की मात्रा को कम और सोना अधिक बताकर बेचने का खेल भी खत्म हो जाएगा। कारोबारी यह भी कह रहे है कि 95 प्रतिशत बाजार में हॉलमार्क का सोना ही बिकेगा। इस पर बैठक कर हॉलमार्क के काम में और तेजी लाने के प्रयास किए जाएंगे।