हाथरस : हड़ताल के चलते मंडी समिति परिसर में प्रदर्शन करते कर्मी। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सरकारी एंबुलेंस कर्मियों की सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो जिलेभर की एंबुलेंसों का पहिया जाम कर दिया गया। चालकों ने सभी एंबुलेंसों को मंडी समिति परिसर में ले जाकर खड़ा कर दिया गया। प्रदेश नेतृत्व की ओर से कोई निर्देश प्राप्त न होने तक चक्का जाम रखने का ऐलान किया गया।
पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर सरकारी एंबुलेंसों के कर्मचारी जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी थी, लेकिन उनकी मांग पर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। सोमवार को जिले के सभी सरकारी एंबुलेंस और उनके कर्मचारियों ने अपनी-अपनी एंबुलेंस को मंडी समिति में खड़ा करके चक्का जाम कर दिया है। एंबुलेंस कर्मियों का कहना है कि उनकी छह सूत्री मांगें हैं, जिनको पूरी करना सरकार का दायित्व है। पिछले काफी समय से अपनी मांगों को लेकर लगातार एंबुलेंस कर्मी धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को लेकर कोई सुनवाई नहीं की गई, जिससे आक्रोशित होकर एंबुलेंस ने कर्मियों प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर सोमवार को चक्का जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
एंबुलेंस कर्मियों की मांग है कि ठेकेदारी प्रथा को खत्म किया जाए, सभी एंबुलेंस कर्मियों का बीमा किया जाए। साथ ही कोरोना काल में जिन एंबुलेंस कर्मियों ने दम तोड़ा हैं, उनके परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। इस तरह की कई मांगों को लेकर के एंबुलेंस कर्मियों ने सोमवार को चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। एंबुलेंस कर्मियों के चक्का जाम से हाथरस में एंबुलेंस सेवा पूरी तरह से ठप पड़ गई। आम लोगों को तमाम तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा। एंबुलेंस संघ के जिलाध्यक्ष नागेंद्र यादव ने बताया कि आगे की कार्रवाई प्रदेश नेतृत्व से मिलने वाले निर्देश पर होगी। फिलहाल हड़ताल जारी है।