संवाद न्यूज एजेंसी, सिकंदराराऊ।
धनतेरस पर बाजार में कोरोना काल का असर देखने को मिला। लंबे समय से बंद पड़े काम-धंधों और महंगाई की वजह से बाजार इस बार फीकी रही। सिकंदराराऊ में इस बार सोने-चांदी की खरीदारी में गिरावट देखने को मिला। महंगाई की वजह से ज्यादातर लोगों ने बर्तन आदि की ही खरीदारी की।
सराफा व कपड़ा दुकानों पर इस बार काफी कम भीड़ दिखी। धनतेरस के दिन भी बाजार में दोपहर तक सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि, मिठाई की दुकानों पर जरूर लोगों की भीड़ दिखी। लोगों का कहना था कि कोरोनाकाल के बाद बुखार ने लोगों का दम निकाल दिया है।
जिसके वजह से त्योहार इस बार थोड़ी फीकी पड़ गई है। धनतेरस पर नगर के बाजारों में दोपहर तक सन्नाटा पसरा रहा। दोपहर बाद बाजार में कुछ रौनक नजर आई। सबसे ज्यादा भीड़ बर्तनों की दुकानों पर नजर आई। चांदी के सिक्के, सोने की गिन्नी, चांदी के बर्तन लक्ष्मी गणेश प्रतिमाओं की बिक्री काफी कम नजर आई।
- लोगों की जेब में पैसे होते तो उत्सव काफी खर्च करके मनाया जाता है। कोरोनाकाल के बाद डेंगू व वायरल बुखार ने आम जनता की कमर तोड़ कर रख दी है। जो कुछ बचा उसी से मिठाई लेकर त्योहार मनाया गया। - मुकुल गुप्ता, सभासद
- बुखार, बारिश व खाद की कमी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। उनके पास कुछ भी नहीं बचा है। आम आदमी भी कमाई के अभाव में रस्मी तौर पर दीपावली मना रहा है। लोगों के पास त्योहार मनाने के लिए भी पैसे नहीं हैं। - महेंद्र सिंह सोलंकी
- जेब में जब दाम होते है तभी सब काम होते हैं। दीपावली अपने साथ कई आनंद लेकर आता है। लेकिन इस बार दीपावली पर वो रौनक नजर आ रही है जो कि हमेशा नजर आती थी। - विकास वार्ष्णेय
- कैसे दिवाली मनाएं हम लाला अपना तो चारों तरफ है दिवाला। कोरोना काल के बाद काम पटरी पर लौट रहे हैं इसमें दो राय नहीं है लेकिन अभी पुरानी लय आने में काफी समय लगेगा। - देवेंद्र राघव