न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिला अस्पताल में मंगलवार को फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने वालों की भीड़ लग गई। कुछ लोगों ने वहां हंगामा शुरू कर दिया। भीड़ को काबू में करने के लिए सीएमएस को पुलिस बुलानी पड़ी। इन लोगों पर आरोप है कि यह लोग कोविड-19 के नियमों का भी पालन नहीं कर रहे थे।
पिछले करीब चार महीनों से जिला अस्पताल की कुछ सेवाएं पूरी तरह से ठप पड़ी हुईं थीं, जिसमें स्वास्थ्य प्रमाण पत्र का काम भी शामिल है। तीन दिन से यह सेवा शुरू कर दी गई है, क्योंकि प्रमाणपत्र की वजह से लोगों के जरूरी काम भी रुके पड़े थे। जैसे-जैसे लोगों को फिटनेस सर्टिफिकेट बनने की जानकारी मिल रही है, वैसे ही अस्पताल में भीड़ बढ़ती जा रही है।
मंगलवार को तो भीड़ का आलम यह था कि सीएमएस को पुलिस बुलानी पड़ गई, क्योंकि यहां पर लोग सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाने से बाज नहीं आ रहे थे। उनसे स्वास्थ्य कर्मी जब लाइन में लगने की बात कहने लगे तो गुस्सा होकर हंगामा करने लगे। मौके पर आई पुलिस ने उन्हें शांत कराया और कोविड-19 के नियमों का पालन करने की बात कही।
एआरटीओ दफ्तर से एक पत्र आया था कि फिटनेस बनवाए जाएं। इसी वजह से अब लोगों के फिटनेस प्रमाणपत्र बनाना शुरू करा दिया गया है, ताकि उनके लाइसेंस आदि के काम रुकें नहीं। लोगों से बस यही अनुरोध है कि वह कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए अपने फिटनेस सर्टिफिकेट प्राप्त करें। इससे उन्हीं की सुरक्षा है।
-डॉ. आईवी सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल।