न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बिटिया के परिजनों का कहना है कि राहुल गांधी ने उन्हें आर्थिक मदद के रूप में जो चेक दिया था, वह अभी भी एक लिफाफे में बंद है और उस लिफाफे को खोला नहीं है। बिटिया के परिजन यह भी चाहते हैं कि महीने दो महीने के अंदर सीबीआई अपनी जांच पूरी ले और उन्हें इस मामले में न्याय मिले। परिजनों का यह भी कहना है कि दुख की इस घड़ी में जो हमारा साथ दे रहे हैं, हम उनका कभी अहसान नहीं चुका सकते।
उल्लेखनीय है कि चंदपा क्षेत्र के एक गांव में एक बिटिया के साथ हुई घटना के बाद काफी राजनेता बिटिया के पर आए थे और उन्हें सांत्वना दी थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी बिटिया के परिजनों से मिले और उन्हें सांत्वना देकर गए थे। इस दौरान राहुल गांधी ने आर्थिक मदद के रूप में चेक भी दिया था। अब इस सिलसिले में बिटिया के पिता ने बताया है कि इस लिफाफे में चेक होने की उन्हें जानकारी है, लेकिन अभी तक उन्होंने इस चेक को लिफाफे से नहीं निकाला है।
बिटिया के पिता का कहना है कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि यह कितनी धनराशि का चेक है। उन्होंने बताया कि वह नया खाता खोलकर ही इस चेक को बैंक में लगाने की सोच रहे हैं। बिटिया के परिजन यह भी कह रहे हैं सीबीआई अपनी जांच महीने-दो महीने के अंदर पूरी कर ले। उन्हें न्याय मिलना चाहिए। बिटिया के परिजन यह भी बोले कि दुख की इस घड़ी में जो लोग उनका साथ दे रहे हैं, उनका कर्ज वह कभी नहीं उतार सकते।
बिटिया के गांव, घर में तैनात है पुलिस बल
हाथरस। बिटिया के गांव में फिर काफी पुलिस बल तैनात रहा। यही स्थिति गांव को जाने वाले रास्ते की रही। गांव की दिनचर्या सामान्य होती जा रही है। वहीं बिटिया के परिजन अभी गांव से बाहर नहीं निकल रहे। बिटिया के पिता का कहना है कि उनकी एक रिश्तेदार की हाल में ही मौत हो गई, लेकिन परिवार का कोई सदस्य यहां से नहीं जा पाया। अब अपने ही मामले में उलझे हुए हैं।