न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
दस दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव की शुरुआत शुक्रवार से हो जाएगी। चतुर्थी को घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापना की जाएगी। 19 सितंबर को गणेश पूजन के बाद प्रतिमा विसर्जन किया जाएगा। ब्रज की द्वार देहरी पर लंबोदर की कृपा बरसेगी। शहर के गणेश मंदिरों में भव्य शृंगार किए जाएंगे। लड्डू तैयार करने के साथ मंदिरों में झालरों से सजावट की जा रही है।
आचार्य बल्लभ जी महाराज ने बताया कि इस बार गणपति पूजन का शुभ मुहूर्त दिन में बारह बजकर 18 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त में शुरू होगा। रात 10 बजे तक पूजन का शुभ समय रहेगा। पूजा के समय ॐ गणपतये नम: मंत्र का जप करते हुए गणपति को जल, फूल, अक्षत, चंदन और धूप-दीप एवं फल नैवेद्य अर्पित करें। प्रसाद के रूप में गणेशजी लड्डू का भोग लगाएं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को शाम पांच बजकर 43 मिनट तक ब्रह्म योग रहेगा। दोपहर 12 बजकर 58 मिनट तक सभी कार्यों में सफलता दिलाने वाला रवि योग रहेगा। इसके साथ ही दोपहर 12 बजकर 58 मिनट तक चित्रा नक्षत्र रहेगा।
गणेश चतुर्थी पर लाभ वाला भद्रा का साया
गणेश चतुर्थी के दिन इस साल भद्रा का साया भी लग रहा है। गणेश चतुर्थी के दिन 11 बजकर नौ मिनट से रात 10 बजकर 59 मिनट तक पाताल निवासिनी भद्रा रहेगी। शास्त्रों के मुताबिक पाताल निवासिनी भद्रा का होना शुभ फलदायी होता है। इस समय धरती पर भद्रा का अशुभ प्रभाव नहीं पड़ता है। गणपतिजी स्वयं सभी विघ्नों का नाश करने वाले विघ्नहर्ता हैं, इसलिए गणेश चतुर्थी पर लगने वाले भद्रा से लाभ ही मिलेगा।
ये है गणेश पूजन की सामग्री
पूजा के लिए चौकी, लाल कपड़ा, भगवान गणेश की प्रतिमा, जल का कलश, पंचामृत, रोली, अक्षत, कलावा, लाल कपड़ा, जनेऊ, गंगाजल, सुपारी, इलाइची, बतासा, नारियल, चांदी का वर्क, लौंग, पान, पंचमेवा, घी, कपूर, धूप, दीपक, पुष्प, भोग का समान आदि एकत्र कर लें।
शहर के घंटाघर व तरफरा रोड पर रहेगी भीड़
शहर में गणेश जी के कई मंदिर हैं। शहर के घंटाघर स्थित गणेश मंदिर व तरफरा रोड स्थित गणेश मंदिर पर सुबह विशेष पूजा अर्चना होगी। शाम को भव्य शृंगार व महाआरती के साथ प्रसाद वितरण होगा। सेवायत पुजारियों ने भक्तों से कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए दर्शन करने की अपील की है।