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हाथरस : रामवीर व उनके परिजनों से सुरक्षा ली जाए वापस

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हाथरस : पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल। - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल ने मुख्यमंत्री एवं पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय व उनके परिजनों पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें शासन द्वारा दी गई सुरक्षा को वापस लेने की मांग की है। पत्र के माध्यम से पूर्व विधायक ने आरोप लगाया है कि रामवीर उपाध्याय फर्जी तरीके से इसी तरह के पत्र अपने पते पर पोस्ट कराते हैं और स्थानीय प्रशासन, पुलिस अधिकारियों के साथ न्यायालय को गुमराह करते हैं, जिससे उन्हें व उनके परिजनों को सुरक्षा मिलती रहे।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले पूर्व रामवीर उपाध्याय के निवास पर एक पत्र आया था। इसमें कहा गया था कि यदि पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल व उनके लोगों पर धारा 302 के तहत दर्ज मुकदमा वापस न लिया गया तो उन्हें (रामवीर) और उनके बेटे चिरागवीर को उड़ा दिया जाएगा। रामवीर के निजी सचिव की तहरीर पर इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। देवेंद्र अग्रवाल ने यह भी आरोप लगाया है कि पूर्व मंत्री के गनर ने 1994 में अपनी गाड़ी पर फायरिंग कराकर फर्जी मुकदमा लिखवाया था।
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उन्होंने शिकायती पत्र में कहा है कि वर्ष 2009 में एमएलसी चुनाव में उनके ट्रैक्टर चालक वीरेंद्र का अपहरण भी रामेश्वर उपाध्याय व मुकुल उपाध्याय के संरक्षित असामाजिक तत्व ने कराया था। अग्रवाल ने कहा है कि 27 मार्च 2013 को रामेश्वर व उनके असामाजिक तत्वों ने उनके पुत्र रजत अग्रवाल पर जानलेवा हमला किया था। सात फरवरी 2017 को फिर उनके बेटे रजत पर रामेश्वर व उनके साथियों ने जानलेवा हमला किया था। उन्होंने शिकायती पत्र में यह भी कहा है कि इसके अगले दिन आठ फरवरी 2017 को इन लोगों ने पुष्पेंद्र नामक एक युवक की हत्या कर दी थी और उनको और उनके परिजनों को नामजद करा दिया था। इसके बाद उनको साजिश के तहत जेल भिजवा दिया गया।
पत्र में कई और मामलों का हवाला देते हुए अग्रवाल ने कहा है कि यह लोग उनके खिलाफ कोई न कोई साजिश रचते रहते हैं, जिससे कि वह कोई चुनाव न लड़ सकें और उनकी छवि खराब हो। उन्होंने कहा है कि पूर्व मंत्री द्वारा रची जा रही साजिशों का पर्दाफाश किया जाए और प्रशासन व कोर्ट को गुमराह कर हासिल की गई उनकी सुरक्षा को वापस लिया जाए।
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आईबी की रिपोर्ट पर मिली है सुरक्षा : रामवीर
हाथरस। पूर्व ऊर्जा मंत्री व सादाबाद विधायक रामवीर उपाध्याय ने पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल पर पलटवार करते हुए कहा है कि देवेंद्र अग्रवाल आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। उनके बारे में हर कोई जानता है। तेल के काले धंधे में देवेंद्र अग्रवाल ने अकूत संपत्ति पैदा की है। उनके काले कारनामों की आर्थिक अपराध शाखा भी जांच कर चुकी है और इसका मुकदमा मेरठ कोर्ट में विचाराधीन है। उपाध्याय ने कहा है कि उन्हें इंटेलीजेंस ब्यूरो की रिपोर्ट पर कमेटी ने सुरक्षा दी है। देवेंद्र अग्रवाल सपा से विधायक थे और वह हत्या के मामले में भी अपनी सरकार के दौरान ही जेल गए थे। उपाध्याय ने कहा कि आज तक उन्होंने कोई भी अनैतिक काम नहीं किया। कल्याण सिंह, मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव की सरकारों के कार्यकाल में कई बार उनके खिलाफ जांचें हुईं, लेकिन हर बार वह निर्दोष साबित हुए हैं। देवेंद्र अग्रवाल उनके खिलाफ फर्जी शिकायतें करते रहते हैं और हर बार उनकी शिकायतें गलत साबित हुई हैं। पूर्व मंत्री का कहना है कि जब देवेंद्र अग्रवाल जेल में बंद थे, तब भी देवेंद्र ने उनके भाई रामेश्वर उपाध्याय और उनके बेटे चिरागवीर की हत्या कराने की साजिश रची थी। इसे लेकर जेल प्रशासन ने एसपी को पत्र भी लिखा था।
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