न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
14 साल पुराने एक बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में अब सपा के जिलाध्यक्ष युवराज सिंह यादव सहित 13 लोगों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। इस मामले में जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने यहां युवराज सहित 13 लोगों की तहरीर गिरफ्तारी भेजी है। सीओ सिकंदराराऊ का कहना है कि आर्थिक अपराध शाखा से गिरफ्तारी तहरीर मिल गई है और पुलिस इस पर कार्रवाई कर रही है।
इस जिले में वर्ष 2001 से लेकर वर्ष 2014 तक छात्रवृत्ति के कई घोटाले खासे चर्चित रहे हैं। जब-जब यह घोटाले खुले, तब-तब इनमें मुकदमे भी दर्ज हुए। इसमें यह बात भी सामने आई कि शिक्षा माफिया ने अधिकारियों के साथ मिलकर छात्रवृत्ति का करोड़ों रुपये हजम कर लिया। ऐसा ही एक मुकदमा 2006 में सपा के वर्तमान जिलाध्यक्ष युवराज सिंह यादव और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था। इसमें एससी-एसटी के छात्रों की करीब 63 लाख रुपये की धनराशि गबन करने का आरोप था।
इसकी विवेचना आर्थिक अपराध शाखा कानपुर कर रही है। अब युवराज सिंह यादव सहित 13 लोगों की गिरफ्तारी के लिए वहां से गिरफ्तारी तहरीर थाना सिकंदराराऊ को मिली है। सीओ सिकंदराराऊ का कहना है कि ईओडब्ल्यू की कानपुर शाखा द्वारा धारा 420, 467, 468, 471 के तहत दर्ज मुकदमे की विवेचना की जा रही है। अब युवराज सिंह यादव सहित 13 लोगों की तहरीर गिरफ्तारी मिली है। इसमें आर्थिक अपराध शाखा का सहयोग कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
- मेरे विरोधी मेरी बढ़ती लोकप्रियता से बौखला गए हैं। इस मामले में तीन-तीन आईपीएस जांच कर चुके हैं और मुझे क्लीन चिट दे चुके हैं। मैं इस मामले में पूरी तरह से निर्दोष हूं। अब भाजपा इस मामले में मेरी गिरफ्तारी कराना चाह रही है।
- युवराज सिंह यादव, जिलाध्यक्ष सपा।