हाथरस : अलीगढ़ की ज्वांइट मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देते किसान नेता।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी (हाथरस)।
किसान आंदोलन के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन द्वारा की गई टोल प्लाजा को फ्री करने की घोषणा पर पुलिस-प्रशासन बेहद सतर्क नजर आया। पुलिस-प्रशासन ने शनिवार की सुबह से ही मडराक टोल प्लाजा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए थे। टोल के दोनों तरफ पुलिस और पीएसी का सुरक्षा घेरा बना दिया गया। किसान यूनियन के नेताओं को दिल्ली कूच करने से रोकने के लिए उनकी भी घेराबंदी शुरू कर दी गई। इस क्रम में थाना सासनी, इगलास एवं अलीगढ़ हाईवे पर पुलिस की सघन गश्त रही। आने-जाने वाले हर वाहन की सघन जांच की गई। हालांकि, सुरक्षा इंतजामों के चलते टोल प्लाजा पर आवागमन पर कोई असर नहीं पड़ा।
किसानों की घोषणा को देखते हुए मडराक टोल प्लाजा पर अलीगढ़ जिले के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी सुबह से ही डेरा जमाए रहे। किसान नेता रामबाबू सिंह चौहान के नेतृृत्व में पांच सदस्यीय दल टोल प्लाजा पर पहुंचा, लेकिन पुलिस व्यवस्था चाक चौबंद होने के कारण वह गंतव्य की तरफ नहीं जा सके। इस कारण वे टोल प्लाजा पर ही धरने पर बैठ गए। सूचना पाकर जनपद अलीगढ़ की ज्वांइट मजिस्ट्रेट अनीता यादव मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने किसान नेताओं से वार्ता की। किसानों की मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन ज्वांइट मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए काले कानूनों को वापस लेने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में रामबाबू चौहान के अलावा उमाशंकर बांगड़, बृजमोहन सिंह, गवेंद्र सिंह एवं गुड्डू ठाकुर आदि शामिल रहे।
टोल प्लाजा पर सामान्य रहा आवागमन
सासनी। मडराक टोला प्लाजा की व्यवस्था संभाल रहे प्रबंधक हेमंत राजपूत ने बताया कि इस टोल पर करीब दस हजार वाहनों का प्रतिदिन आवागमन होता है। इनमें करीब पांच हजार वाहन सामान्य और करीब पांच हजार वाहन फास्ट टैग वाले हैं। शनिवार को वाहनों की आवाजाही रोजाना की तरह जारी रही। किसान नेताओं ने किसी तरह का कोई व्यवधान पैदा नहीं किया।