न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर के लोग बिजली चोरी बंद कर दें या फिर बिजली संकट झेलने को तैयार रहें। हाथरस शहर रेड जोन में है। शहर के अधिक लाइन हानि वाले इलाकों में अब बिजली कटौती की शुरुआत होगी। निगम के अफसरों ने साफ शब्दों में कहा कि जितनी बिजली दी जा रही है, उतना राजस्व हर कीमत पर चाहिए।
शहर के आधा दर्जन बिजलीघरों के जरिये करीब 32 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। शहर में 40 प्रतिशत बिजली चोरी हो रही है। इस कारण जिला प्रदेश में टॉप टेन के साथ शहर रेड जोन में भी शामिल है। निगम के अफसरों ने कहा है कि जहां बिजली चोरी नहीं रुक रही है, वहां बिजली कटौती की जाए।
शहर के कांशीराम टाउनशिप, कोटा रोड, नवीपुर, नाई का नगला, लाला का नगला, विभवनगर, श्रीनगर, रमनपुर, सिद्धार्थनगर, मधुगढ़ी, नगला बेलनशाह, किला खाई, अहियापुर, नगला चौबे, नगला टीका, नगला भोजा आदि इलाकों में जमकर बिजली चोरी हो रही है। एक्सईएन सुभाष चंद्र का कहना है कि जिन इलाकों में बिजली चोरी हो रही है, वहां बिजली की कटौती की जाएगी।
लाइनमैन पहुंचा रहे बिजली चोरों को मदद
हाथरस। सूत्रों की मानें तो शहर के जिस इलाके में बिजली टीम चेकिंग करने के लिए जाती हैं, वहां का लाइनमैन पहले अपने लोगों को फोन के माध्यम से चेकिंग टीम के आने की सूचना दे देते हैं। इस कारण बिजली चोरी रोकने का अभियान 10 से 15 घरों तक सिमट जाता है। यदि चेकिंग से पूर्व लाइनमैन के मोबाइल फोन अफसर अपने कब्जे में ले लें तो बड़े पैमाने पर बिजली रोकने में सफलता मिल सकती है।