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हाथरस: दुष्कर्म पीड़िताओं के वीडियो वायरल करने पर भीम आर्मी का नेता गिरफ्तार

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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कुछ लोगों ने दुष्कर्म की पीड़ित दो किशोरियों के वीडियो वायरल कर जातीय विद्वेष पैदा करने की कोशिश की। पुलिस ने इस मामले में भीम आर्मी के पदाधिकारी सहित तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और उस पदाधिकारी को गिरफ्तार कर लिया है।
हुआ यूं कि 19 नवंबर को हाथरस जंक्शन थाना क्षेत्र के एक गांव की दो सहेलियां एकाएक लापता हो गई थीं। दोनों नाबालिग हैं। अगले दिन वह घर लौट आईं। पूछताछ में यह बात सामने आई के दोनों अपने ही गांव के दो युवकों के बुलाने पर गई थीं। किशोरियों का कहना था कि इन दोनों युवकों ने उनके साथ दुष्कर्म किया है। यह दोनों किशोरी अनुसूचित जाति की हैं, जबकि दोनों युवक ठाकुर जाति के हैं। पुलिस ने इस मामले में दोनों युवकों धर्मेंद्र व अर्जुन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था और जेल भेज दिया था। इसके बाद किशोरियों के पुलिस ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के तहत बयान भी दर्ज कराए थे।
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पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि इस दौरान भीम आर्मी के कुछ पदाधिकारी इन किशोरियों को इस बात पर उकसाने लगे कि वह नामजद दो युवकों के अलावा दो अन्य युवकों का नाम भी ले दें। एसपी ने बताया कि भीम आर्मी के कुछ पदाधिकारियों ने इसे लेकर कोशिश भी की, लेकिन किशोरियों ने धारा 164 के तहत उन्हीं युवकों के नाम लिए, जिनके नाम शुरू से ले रही थीं। ऐसे में जब भीम आर्मी के पदाधिकारियों की कोशिश सफल नहीं हुई तो उन्होंने दुष्कर्म की पीड़ित इन किशोरियों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। एसपी का कहना है कि पूरी तरह फिर से जातिगत तनाव पैदा करने की साजिश रची गई।
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पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसमें एक नामजद नवाब सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। उसे भीम आर्मी का पदाधिकारी बताया जा रहा है। इधर, भीम आर्मी के मंडल अध्यक्ष प्रकाशचंद्र का कहना है कि नवाब सिंह पूर्व में पार्टी का पदाधिकारी रहा है और अब भी भीम आर्मी से जुड़ा है, लेकिन इस तरह दुष्कर्म की पीड़िताओं के वीडियो आदि वायरल करना पूरी तरह से गलत है।
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