न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ग्रामीण क्षेत्र में क्षमता से अधिक भार की मोटर का नलकूप में इस्तेमाल करने वालों के यहां अब बिजली विभाग के जेई निगरानी करेंगे। स्वीकृति से अधिक बिजली खर्च करने वालों पर विशेष नजर होगी। अधीक्षण अभियंता ने अधीनस्थों को लोड चेक कर इसमें बढ़ोतरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि निगम को होने वाली हानि से बचाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि जिले में करीब 60 हजार नलकूप उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं ने कम लोड का कनेक्शन ले रखा है। इनके द्वारा अधिक लोड की सबमर्सिबल का प्रयोग किया जा रहा है। बीते दिनों इन उपभोक्ताओं ने लोड बढ़ाने की शिकायत भी की थी, जिसके बाद जिले के ततारपुर, सलेमपुर और सासनी क्षेत्र के गांवों में विजिलेंस ने जमीनी स्तर पर लोड भी चेक किया। अब बिजली महकमे के अधीक्षण अभियंता हरीमोहन ने जिले के अवर अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि अचानक उनके नलकूप पर एक घंटे तक बैठकर लोड को चेक करें। इस लोड के हिसाब से इनका बिल बनाया जाए।
कई लोगों पर एक से अधिक सबमर्सिबल
बिजली विभाग और उपभोक्ताओं के बीच तू डाल-डाल, मैं पात-पात का खेल चल रहा है। लोड से अधिक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के यहां एक से तीन सबमर्सिबल हैं। यदि इन उपभोक्ताओं को बिजली चेकिंग की सूचना मिल जाती है तो कम किलोवाट वाली सबमर्सिबल को लगा देते हैं। बाद में फिर पुुरानी सबमर्सिबल को लगा देते हैं। इसकी सूचना महकमे के अफसरों का मिल गई है, इसलिए जेई को नलकूपों की निगरानी करने के लिए कहा गया है।