न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
मंदिर श्री दाऊजी महाराज व किला राजा दयाराम को पुरातन स्वरूप में लौटने की तैयारी शुरू हो गई है। दो साल बाद इस बार ब्रज प्रसिद्ध लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज का आयोजन होगा। इससे पहले पुरातत्व विभाग व पर्यटन विभाग संयुक्त रूप से तैयार किए गए प्रस्तावों पर अमल करने की कोशिश में जुट गया है।
किला परिसर में स्थित दाऊजी मंदिर भूरे पत्थर का बना हुआ है। कई साल से मंदिर की मरम्मत नहीं हुई है। इस कारण मंदिर का छज्जा, रसोई आदि जर्जर हालत में है। पुरातत्व विभाग ने इसकी परियोजना भी तैयार कर ली है। पुरातत्व विभाग मंदिर को मूल स्वरूप में लाने के लिए प्रयास कर रहा है। मंदिर की सफाई की जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाएंगी। संवाद
24 लाख रुपये से पर्यटन की दिखेगी झलक
उत्तर प्रदेश पर्यटन निगम द्वारा हाथरस किला परिसर दाऊजी मंदिर के लिए केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल की पहल पर 48 लाख रुपये का बजट जारी किया गया था। 24 लाख रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग आदि का कार्य पूरा हो गया है। पर्यटन निगम के पास अभी 24 लाख रुपये की किस्त बाकी है। इससे शहर के बुद्धिजीवियों ने यहां पर दाऊजी बाबा व भगवान कृष्ण की लीलाओं का चित्रण, प्रक्षेपक की मदद से कथाएं व अन्य कामों को कराने का सुझाव दिया। संवाद
सदर विधायक ने की थी राजकीय मेला घोषित करने की मांग
सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर ने बीते दिनों विधानसभा में ब्रज प्रसिद्ध लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज को राजकीय मेला घोषित करने की मांग की थी। हालांकि, शासन स्तर से इस पर अभी हरी झंडी मिलना बाकी है। इसके अलावा उन्होंने हनुमान चौकी को भी पर्यटन स्थल बनाने जाने की मांग की है। इस मामले में पुरातत्व विभाग के सहायक सतीश कुमार का कहना है कि जल्द ही इसे लेकर काम शुरू हो जाएगा।