न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी रमेश रंजन ने बुधवार को विकास और निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों को निर्धारित समय से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अमृत योजना, अपशिष्ट प्रबंधन, ग्रामीण आवास योजना, मनरेगा, पेंशन, छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन, नई सड़कों का निर्माण, चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, कन्या सुमंगला योजना, पोषण अभियान, बेसिक शिक्षा विभाग ऑपरेशन कायाकल्प के तहत कराए गए कार्यों की समीक्षा की।
डीएम ने जिला कृषि अधिकारी को टीम बनाकर खाद की दुकानों का निरीक्षण करने और खाद का वितरण मानक के अनुरूप करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद की कालाबाजारी किसी भी दशा में नहीं होनी चाहिए। स्टॉक पंजिका के आधार पर खाद उपलब्ध न होने पर संबंधित के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिले में अस्थायी व अन्य गो आश्रय स्थल 39 हैं। निराश्रित गोवंश की अनुमानित संख्या 12230 है, जिसमें से 9875 निराश्रित गोवंश को संरक्षित किया गया है। ईयर टैगिंग में प्रगति अत्यंत खराब होने पर संबंधित एमओआईसी को कारण बताओ बताओ जारी करने के निर्देश दिए। गोल्डन कार्ड निर्माण की प्रगति 36.47 प्रतिशत होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई।
परिवार नियोजन में निर्धारित लक्ष्य 2500 के सापेक्ष 280 की नसबंदी होने पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने आगामी तीन माह में निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर किसी भी दशा में बंद नहीं रहने चाहिए। दो ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए स्थल उपलब्ध नहीं है। डीएम ने जिला पंचायतराज अधिकारी को तत्काल मौका मुआयना करते हुए कारण सहित रिपोर्ट उपलब्ध कराने तथा शत-प्रतिशत जीओ टैगिंग कराने के निर्देश दिए।
जिला पंचायत द्वारा कराए जाने वाले कार्यों एवं आवंटित धनराशि के सापेक्ष भुगतान की धीमी प्रगति होने पर डीएम ने एएमओ का स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। डीएम ने जिले में चल रहे निर्माण कार्यों को तत्काल गुणवत्ता पूर्ण ढंग से पूर्ण करने और जिन संस्थाओं द्वारा कार्य पूर्ण नहीं कराया जा रहा है, उनको नोटिस जारी करते हुए दूसरी संस्था के चयन के लिए पत्राचार करने के निर्देश दिए। संवाद