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हाथरस : भाईचारे, सौहार्द का संदेश देगा शिव मंदिर

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हाथरस : गांव अहवरनपुर में शिव मंदिर का फीता काटकर लोकार्पण करतीं उत्तराखंड की राज्यपाल बेबीरानी ? - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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निकटवर्ती गांव अहवरनपुर में दूसरे दिन भी कई नामचीन हस्तियों की मौजूदगी में शिव मंदिर का लोकार्पण हुआ। इसका लोकार्पण उत्तराखंड की राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने कई साधु-संतों व राजनेताओं की मौजूदगी में किया। दूसरे दिन भी गांव का माहौल भक्ति में सराबोर रहा। कई राजनेता व अन्य हस्तियां कार्यक्रम में शामिल हुईं। सुबह से लेकर शाम नामचीन लोगों का आना-जाना लगा रहा।
इस शिव मंदिर का निर्माण आरएसएस के प्रचारक व भाजपा के पंजाब प्रांत के महामंत्री (संगठन) दिनेश कुमार ने अपने माता-पिता की स्मृति में कराया है। समारोह की अध्यक्षता उत्तराखंड की राज्यपाल बेेबीरानी मौर्य ने की। मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे मौजूद थे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पद्मविभूषण स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज, शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य राज राजेश्वराश्रम जी महाराज, महामंडलेश्वर यतींद्रानंद जी महाराज, प्रबोधानंद जी महाराज, रूपेंद्र प्रकाश आदि मंचासीन थे। इन सभी का संयोजक दिनेश कुमार ने स्वागत किया और इन्हें प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।
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माता-पिता की सेवा करें, उन्हें वृद्धावस्था आश्रम में न छोड़ें : मौर्य
उत्तराखंड की राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने कहा कि लोग जीते-जी अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम में छोड़ देते हैं, जबकि माता-पिता की पूरी सेवा करनी चाहिए और आदर सम्मान करना चाहिए। उन्होंने दिनेश कुमार की इस मंदिर को स्थापित करने के लिए जमकर तारीफ की। उन्होंने भगवान शिव को देवों का देव महादेव बताया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की आराधना से भाईचारा और सौहार्द बढ़ता है। ऊंच-नीच की भावना समाप्त होती है। यह मंदिर भाईचारे का संदेश देगा।
मोदी भारत ही नहीं, विश्व स्तर के नेता : चौबे
मंदिर लोकार्पण के मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि पीएम मोदी भारत ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर के नेता है। भारत के लोग हीं नही, बल्कि विश्व के लोग भी उन्हें याद करते हैं। उन्होंने गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का काम किया। कोरोना कालखंड के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और भोजन आदि की व्यवस्था की। ब्राजील ने भारत से कोरोना वैक्सीन मंगाई। इस वैक्सीन को लाकर मोदी ने संजीवनी का काम किया है। मोदी को हनुमान के नाम से जाना जाता है। किसान, मजदूर, व्यापारी के हित में उन्होंने कई काम किए हैं। प्रदेश सरकार ने भी मोदी के पद चिह्नों पर चलकर उत्तर प्रदेश में विकास के कार्य कराए हैं। अब उत्तर प्रदेश में पहले से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं हैं। हर गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। अब लोगों को अपने क्षेत्र में ही स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।
पर्यावरण संतुलन को लगाएं फलदार पौधे : यतीद्रानंद
यतींद्रानंद गिरि महाराज ने कहा कि गृहस्थी तो भगवान शिव जैसी होनी चाहिए। उनका गृहस्थ व शांत जीवन हम सभी के लिए आदर्श है। जीवन में अच्छा और बुरा हमारे कर्मों पर निर्भर करता है। भगवान शिव का मंदिर की स्थापना करना मनुष्य जीवन में एक अच्छा कार्य है। गांव अहरवरनपुर में शिव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में महामंडलेश्वर ने बिगड़ते पर्यावरण संतुलन पर कहा कि आजकल रात-दिन कार्बनडाई आक्साइड के रूप में विष निकाला जा रहा है। जिस तरह भगवान शिव ने जगत की रक्षा के विषपान किया था, उसी तरह वृक्ष ही इस विष को पी सकते हैं। आज लगातार वृक्ष काटे जा रहे हैं। पर्यावरण संतुलन के लिए एक बड़ा फलदार और छायादार वृक्ष लगाया जाए। प्रकृति स्वस्थ होगी तो कोरोना जैसी बीमारी नहीं होगी।
रामजी का रामत्व कोई माई का लाल नहीं दबा सकता : रामभद्राचार्य
पद्मविभूषण स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि रामजी का रामत्व कोई माई का लाल नहीं दबा सकता। राम का रामत्व लगातार मुखर हो रहा है। हमारी इच्छा के अनुसार तीन तलाक, धारा 370 और 35 ए को हटाकर बड़े काम किए गए हैं। अब समान नागरिक संहिता, हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा, रामचरित मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ, गंगा को राष्ट्र नदी घोषित किया जाए। शिव संपूर्ण राष्ट्र के देवता हैं। शंकरजी की अवधारणा राष्ट्र की अवधारणा है। शुक्रवार को गांव अहवरनपुर में शिव मंदिर की प्राणप्रतिष्ठा व लोकार्पण समारोह में भाग लेने आए रामभद्राचार्य ने कोरोना काल को जिक्र करते हुए कहा कि यह काल एक अच्छा अवसर लेकर आया। मुझे भी कोरोना हुआ था। इस दौरान में 22 दिन क्वारंटीन रहा और मैंने दो पुस्तकें भी लिखीं। यह पुस्तकें सीता निर्वासन और भगवान श्री कृष्ण पर लिखी गईं। उन्होंने कहा कि श्रीराम को बदनाम करने के लिए सीता को निकालने की साजिश रची गई थी।
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रामभद्राचार्य जी ने किया मंदिर का नामकरण
रामभद्राचार्य महाराज ने मंच पर विराजमान होने के बाद मंदिर का नामकरण किया। उन्होंने कहा कि हाथरस को बृज की देहरी कहा जाता है, इसलिए इन महादेव का नाम बृजेश्वरनाथ महादेव होगा। बृजेश्वरनाथ महादेव सब की रक्षा करेंगे। इस मौके पर प्रबोधानंद महाराज, स्वामी डॉ. रामेश्वरानंद गिरि ने भी शिव के मंदिर की स्थापना की सराहना की।
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