राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत चलाए जा रहे टीबी मुक्त भारत अभियान में हाथरस ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीबी मरीजों की खोज, त्वरित जांच और उपचार उपलब्ध कराने से जुड़े छह प्रमुख सूचकांकों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जिले ने प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस साल 24 मार्च से 25 जुलाई तक विशेष अभियान चलाया गया जिसमें हाथरस ने तय लक्ष्य से अधिक स्वास्थ्य शिविर लगाकर स्क्रीनिंग की है। इस बीच 167 उच्च जोखिम वाले गांव और वार्डों को लेकर भी 213 शिविर लगाए गए। इसमें 16,358 लोगों की जांच एक्सरे के जरिये हुई। इस बीच 7,226 नमूनों में केवल 68 की जांच माइक्रोस्कोपी से हुई।
जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ. प्रवीण भारती ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान में स्वास्थ्य विभाग की सभी टीमों के समन्वित प्रयास से जिले को प्रदेश में पांचवां स्थान मिला है। अब मरीजों की शत-प्रतिशत ट्रैकिंग, पोषण सहायता और टीबी मुक्त पंचायत अभियान को और गति दी जाएगी।
1,810 मरीज मिले, 87 फीसदी को विशेष देखभाल
अभियान के दौरान जिले में 1,810 टीबी मरीज चिन्हित किए गए। इनमें से 1,576 मरीजों (87 प्रतिशत) को डिफरेंशिएटेड टीबी केयर के तहत विशेष चिकित्सकीय और उपचार संबंधी देखभाल उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा, सहमति देने वाले 1,589 मरीजों में से 1,342 (84.46 प्रतिशत) मरीजों को निक्षय मित्रों ने गोद लिया। उन्हें हर माह पोषण सामग्री और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
2,101 परिजनों को बचाव की दवा
टीबी मरीजों के संपर्क में आए 2,605 परिजनों की जांच की गई। इनमें से 2,101 लोगों (80.65 प्रतिशत) को संक्रमण से बचाने के लिए टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) दिया गया।