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Hathras News: नालियों में केमिकल, घरों तक पहुंच रही जहरीली बदबू

Fri, 31 Jul 2026 02:17 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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कलवारी रोड पर फैक्टरी के बराबर खाली प्लॉट में भरा गंदा पानी। संवाद - फोटो : Samvad
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कलवारी रोड स्थित अचार और मुरब्बा बनाने वाली फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल युक्त अपशिष्ट जल आसपास के रिहायशी इलाके के लिए मुसीबत बन गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना किसी उपचार के इस दूषित पानी को अंडरग्राउंड पाइप के जरिये सीधे नालियों और खाली प्लॉटों में छोड़ा जा रहा है।
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इससे पूरे इलाके में जहरीली बदबू फैल रही है। लोगों का कहना है कि केमिकल युक्त पानी के जमीन में रिसने से भूजल भी दूषित होने लगा है। समस्या से परेशान लोगों ने बृहस्पतिवार को फैक्टरी पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग की। काफी देर तक हंगामे के बाद फैक्टरी संचालक ने समाधान का आश्वासन दिया, तब मामला शांत हुआ।

कलवारी रोड निवासी गोपी पंडित ने बताया कि फैक्टरी से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी अंडरग्राउंड पाइप के माध्यम से सड़क पार नाली में छोड़ा जा रहा है। यह पानी कई बार घरों के सामने तक पहुंच जाता है। इससे उठने वाली तीखी बदबू के कारण दिनभर घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखनी पड़ती हैं। उनका कहना है कि कई बार सांस लेने में भी परेशानी महसूस होती है।
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स्थानीय निवासी फिरोज खान ने बताया कि एक फैक्टरी ने खाली प्लॉट में भी केमिकल युक्त पानी छोड़ रखा है, जो लंबे समय से जमा है। इससे लगातार दुर्गंध उठ रही है। लोगों का कहना है कि यह पानी जमीन में रिस रहा है, जिससे हैंडपंप और सबमर्सिबल के पानी के दूषित होने की आशंका बढ़ गई है।
राहुल चौधरी ने बताया कि गंदे पानी और बदबू के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को त्वचा संबंधी परेशानी, एलर्जी और सांस लेने में दिक्कत होने लगी है। उन्होंने मांग की कि सभी फैक्ट्रियों में अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (ईटीपी) का संचालन अनिवार्य कराया जाए और बिना उपचारित पानी छोड़ने वालों पर कार्रवाई हो।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो यह गंभीर पर्यावरण और स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन से फैक्ट्रियों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
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इन खतरों की आशंका
. केमिकल युक्त पानी जमीन में रिसने से भूजल प्रदूषित होने का खतरा
. दुर्गंध और प्रदूषण से त्वचा रोग, एलर्जी व सांस संबंधी बीमारियों की आशंका
. जलभराव के कारण मच्छरों का प्रजनन बढ़ने से डेंगू और मलेरिया का खतरा

. इस तरह आबादी में प्रदूषण स्वीकार नहीं है। मुझे यह संज्ञान में नहीं है। इसके बारे में जानकारी एकत्रित करने के लिए टीम जाएगी।
- डॉ. विश्वनाथ शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड अलीगढ़
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