न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस जिले में डीएपी और यूरिया के सहकारी समितियों और मिनी स्टोरों पर स्टॉक की उपलब्धता की विभागीय स्तर से समीक्षा की जा रही है, जिससे किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े।अक्तूबर में 12100 एमटी आपूर्ति की योजना कृषि निदेशालय से मिल गई है।
जिले में डीएपी और यूरिया के सहकारी समितियों और मिनी स्टोरों पर स्टॉक की उपलब्धता की विभागीय स्तर से समीक्षा की जा रही है, जिससे किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े। जिले में सात अक्तूबर को दो और रैकों से यूरिया की आपूर्ति होगी। इस यूरिया को सहकारी समितियों पर भेजा जाएगा।
सहायक निबंधक सहकारिता संतोष यादव ने बताया कि जिले में 26000 एमटी के सापेक्ष 24270 एमटी डीएपी और एनपीके की आपूर्ति हुई है। इसमें से 18529 मीट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है। 5741 मीट्रिक टन खाद की वर्तमान में उपलब्धता है।
अक्तूबर में 12100 एमटी आपूर्ति की योजना कृषि निदेशालय से मिल गई है। पीसीएफ बफर गोदाम में 1075 मीट्रिक टन डीएपी प्री पोजिशनिंग स्टॉक में रखी हुई है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन स्टॉक की समीक्षा की जा रही है। संवाद