न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के बैनर तले शनिवार को जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश श्रीमती मृदुला कुमार ने की। सबसे पहले उन्होंने फीता काटकर मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया और फिर दीप प्रज्ज्वलित किया। विभिन्न प्रकृति के कुल 11,453 वादों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत में काफी वादकारियों की खासी भीड़ दिखी।
लोक अदालत में 41 मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वादों का निस्तारण कर 2,62,31,973 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए गए। 36 सिविल वाद, 43 पारिवारिक वाद, 27 विद्युत अधिनियम के वादों का निस्तारण कर 82,000 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। नौ धारा 138 एनआई एक्ट के वाद, 5674 राजस्व वादों का निस्तारण कर 63,930 रुपये का जुर्माना वसूला गया। 10 वाद उपभोक्ता फोरम व 1,021 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 4,32,360 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। इसके अतिरिक्त प्रिलिटीगेेशन स्तर पर बैंक के कुल 637 मामलों का निस्तारण किया गया। 3,954 अन्य प्रशासनिक विभागों के मामलों का निस्तारण प्रिलिटीगेशन स्तर पर किया गया। एक वाद स्थायी लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित किया गया।
जनपद न्यायाधीश श्रीमती मृदुला कुमार के न्यायालय से दो सिविल और दो फौजदारी वादों का निस्तारण कर 500 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अखिलेश दुबे के न्यायालय से कुल 43 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया। इनमें 14 जोडे़ साथ-साथ खुशी से अपने घर गए। पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण वीना चौधरी के न्यायालय से 41 मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वादों का निस्तारण कर 2,62,31,923 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए गए। अपर जनपद न्यायाधीश कक्ष संख्या एक त्रिलोकपाल सिंह के न्यायालय से दो फौजदारी वादों का निस्तारण कर 1000 रुपये अर्थदंड वसूला गया। प्रतिभा सक्सेना विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम कोर्ट संख्या एक के न्यायालय से आठ फौजदारी वादों का निस्तारण कर चार हजार रुपये अर्थदंड के वसूले।
पारुल वर्मा अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या चार के न्यायालय से दो सिविल व एक फौजदारी वाद का निस्तारण किया गया। अनुराग पंवार विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी अधि.), हाथरस के न्यायालय से दो सिविल एवं छह फौजदारी वादों का निस्तारण कर दो हजार अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। विनीत चौधरी अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो के न्यायालय से एक सिविल वाद व एक फौजदारी वाद का निस्तारण हुआ। 27 विद्युत अधिनियम के वादों का निस्तारण कर 82,000 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। जेबा मजीद अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या तीन के न्यायालय से चार फौजदारी, अजय कुमार अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या पांच के न्यायालय से एक सिविल और पांच फौजदारी वादों का निस्तारण कर ढाई हजार रुपये, सतेंद्र सिंह वीरवान अपर जनपद न्यायाधीश/एफटीसी कोर्ट संख्या प्रथम के न्यायालय से एक सिविल वाद व दो फौजदारी वादों का निस्तारण कर 500 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिव कुमारी के न्यायालय से 523 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 2,50,860 रुपये अर्थदंड वसूला गया। नम्रता शर्मा सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग) के न्यायालय से छह सिविल वाद, सुशील कुमार सिंह अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय से 177 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 88,200 रुपये अर्थदंड वसूला गया। तीन वाद धारा 138 एनआई एक्ट के निस्तारित किए गए। इंद्रेश अपर सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग) हाथरस के न्यायालय से एक सिविल वाद और दो वाद धारा 138 एनआई एक्ट का निस्तारण किया गया। श्रीमती प्रतिभा सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग)/एफटीसी के न्यायालय से दो वाद धारा 138 एनआई एक्ट के निस्तारित किए गए। साक्षी सिंह सिविल जज (कनिष्ठ प्रभाग) के न्यायालय से दो सिविल वाद, जीशान मेहंदी अपर सिविल जज कनिष्ठ प्रभाग कोर्ट संख्या एक के न्यायालय से एक सिविल वाद, भावना शर्मा अपर सिविल जज(कनिष्ठ प्रभाग) कोर्ट संख्या पांच के न्यायालय से एक सिविल वाद और एक वाद धारा 138 एनआई एक्ट का निस्तारित किया गया। एडीएम, एसडीएम और तहसीलदारों सहित कई अन्य विभागों के न्यायालयों में भी वादों का निस्तारण किया गया। संवाद