न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ओटीएस में सर्वर धोखा दे रहा है। इस कारण उपभोक्ताओं के पंजीकरण नहीं हो रहे हैं। इसे लेकर उपभोक्ता व महकमे के अधिकारी भी काफी परेशान हैं। प्रबंधन को हटाने की बात भी कह रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जिले के 64 बिजलीघरों के जरिये करीब सवा दो लाख उपभोक्ताओं को आपूर्ति की जाती है। विभाग का जिले में करोड़ों रुपये का बकाया पड़ा हुआ है। प्रदेश सरकार ने किसानों व घरेलू उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए ओटीएस का क्रियान्वयन किया है। इसके लिए पंद्रह मार्च तक ओटीएस में पंजीकरण की तिथि नियत की गई।
अब वर्तमान में पंजीकरण के लिए बनाया गया साफ्टवेयर धोखा दे रहा है। इस कारण उपभोक्ताओं के ओटीएस में पंजीकरण नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण उपभोक्ता बिजली कार्यालय व अन्य स्थानों के चक्कर काट रहे हैं। इस मामले में अधीक्षण अभियंता पवन कुमार अग्रवाल का कहना है कि ओटीएस में सर्वर सही नहीं चल रहा है। इस कारण पंजीकरण में दिक्कतें आ रही है। प्रबंधन सिस्टम सही नहीं है। पहले इसे दुरुस्त किया जाना चाहिए।