न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
न्यायालय ने फर्जी व बोगस चेक देने के एक मामले में एक आरोपी को दोषी मानते हुए एक साल के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार राहुल गुप्ता पुत्र अशोक कुमार वार्ष्णेय निवासी जलेसर रोड हाथरस की अंशुमन गर्ग पुत्र वीरेंद्र गर्ग निवासी मोहल्ला कहरान सादाबाद गेट से जान पहचान थी। अंशुमन ने राहुल गुप्ता की फर्म से दो लाख ईंटें खरीदी और इसके भुगतान के लिए 24 सितंबर 2015 को सात लाख रुपये का एक चेक दे दिया। इस पर अंशुमन के हस्ताक्षर थे। राहुल ने यह चेक ले लिया।
चेक जब भुगतान के लिए बैंक में लगाया तो इस चेक से भुगतान नहीं हुआ। अभियोजन पक्ष के अनुसार अंशुमन ने जानबूझकर फर्जी व बोगस चेक दिया। इस मामले में अभियुक्त के विरुद्ध धारा 138 एनआई एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। मामले की सुनवाई सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग) के न्यायालय में हुई।
कोर्ट ने अंशुमन गर्ग को धारा 138 पराक्रम्य लिखित अधिनियम 1881 के तहत एक साल के कारावास और दस लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसमें से अर्थदंड की राशि में से धारा 357 के तहत परिवादी नौ लाख रुपये प्रतिकर के रूप में प्राप्त करेगा। अर्थदंड न देने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सुनीलकांत शर्मा ने की।