न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
एक तरफ शासन स्तर से बिजली चोरी को रोकने के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। बिजली अधिकारियों ने शहर से देहात तक चेकिंग अभियान भी चलाया। 15 हजार लोगों के खिलाफ बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बावजूद जिले में बिजली चोरी काबू में नहीं है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार शहर में 30 प्रतिशत व देहात में 50 प्रतिशत बिजली की चोरी हो रही है। इससे बिजली विभाग को हर माह लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
बिजली विभाग द्वारा 65 बिजलीघरों के जरिये दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जाती है। अब तक बिजली विभाग द्वारा विद्युत उपकेंद्र वार एनर्जी का ऑडिट कराया जाता था। इस बार ट्रांसफॉर्मर वार एनर्जी का ऑडिट किया गया है। इसमें अधिक चोरी वाले इलाके चिन्हित कर लिए गए हैं।
शहर के कांशीराम टाउनशिप, रमनपुर, श्रीनगर, लाला का नगला, मधुगढ़ी, नगला अलगर्जी, नवीपुर देहात के लाखनू, लाड़पुर, चंदपा, सलेमपुर सहित कई इलाके चिन्हित किए गए हैं। अब इन इलाकों में छापा मारा जाएगा। साथ ही रिवेंप स्कीम आने के दौरान बिजली चोरी के आंकड़े को सिंगल डिजिट में लाने पर पूरा जोर रहेगा। अधीक्षण अभियंता एमपी सिंह का कहना है कि बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। लोग बिजली चोरी से बाज आएं। अगर छापे में वह बिजली चोरी करते हुए पकड़े जाते हैं तो उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। संवाद