न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशन में प्रभारी जनपद न्यायाधीश त्रिलोकपाल सिंह के आदेशानुसार कोविड-19 महामारी को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में ऑनलाइन विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस मौके पर जिला कारागार अलीगढ़ में निरुद्ध बंदियों को विधिक जानकारी दी गई। अध्यक्षता चेतना सिंह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने की।
इस अवसर पर डॉ. लकी अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सादाबाद की उपस्थिति में शिविर में उपस्थित बंदियों को सचिव ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेशानुसार जेल से बंदियों के रिमांड आदि का कार्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने बंदियों से उनके अधिवक्ताओं के संबंध में जानकारी की और अवगत कराया गया कि यदि उनके मुकदमे में पैरवी के लिए यदि अधिवक्ता नहीं है तो वह एक प्रार्थना पत्र कारागार अधीक्षक के माध्यम से संबंधित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को देकर नि:शुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या के लिए कोई भी व्यक्ति सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आवेदन देकर विधिक सहायता प्राप्त कर सकता हैै।
इसके अतिरिक्त सचिव ने कहा कि प्रत्येक प्रकार के दीवानी, फौजदारी (शमनीय) वादों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते के आधार पर कराना, साक्षरता शिविरों के माध्यम से जनता को प्राधिकरण के उद्देश्यों की जानकारी देना, लोक अदालतों का आयोजन कराना, गरीब एवं पात्र व्यक्तियों को नि:शुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना प्राधिकरण का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या के लिये जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्राधिकरण की ओर से प्रत्येक माह जिला कारागार में जेल लोक अदालत का आयोजन किया जाता है, जिसमें बंदियों के छोटे-छोटे वादों का निस्तारण किया जाता है, जो भी बंदी अपने वाद को जेल लोक अदालत के माध्यम से कराना चाहते हैं तो वह अपने वाद को जेल लोक अदालत के लिए नियत कराकर लोक अदालत का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। डॉ. लकी अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सादाबाद ने वर्तमान में वैश्विक महामारी कोविड-19 को देखते हुए सभी बंदियों से कहा कि सामाजिक दूरी बनाए रखें और मास्क व सैनिटाइजर का प्रयोग करें।