न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
29 फरवरी को इगलास रोड रायक के जंगलों में प्रश्रपत्र को सॉल्व करते हुए पकड़ा गया शिक्षक राजा महेंद्र प्रताप इंटर कॉलेज मुरसान का होने की पुष्टि डीआईओएस ने की है। जिसे लेकर अब डीआईओएस ने कॉलेज की मान्यता प्रत्याहरण/डिबार किए जाने को शासन को पत्र लिखा है। एसओजी द्वारा किए गए खुलासे को लेकर उसी समय सवाल भी खड़े हो गए थे। क्योंकि चर्चा यह थी कि उत्तर पुस्तिकाएं लिखे जाने का खेल एक कॉलेज परिसर में हो रहा था और पुलिस ने कथित मिली भगत के चलते कॉलेज को इस पूरे प्रकरण से बचा दिया था और जिस अध्यापक को पुलिस ने पकड़ा था, पुलिस उसे अध्यापक भी नहीं बता रही थी।
पुलिस ने घटना स्थल भी अपनी गिरफ्तारी में बदल दिया था। अब माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अपने स्तर से पूरे मामले की जब छानबीन की तो स्पष्ट हुआ कि यह पकड़ा हुआ सॉल्वर राजा महेंद्र प्रताप इंटर कॉलेज मुरसान का है। उल्लेखनीय है कि यूपी बोर्ड परीक्षा में शनिवार की दूसरी पाली की परीक्षा में एक मास्टर माइंड सॉल्वर को एसओजी व इलाका पुलिस ने दबोचा था। वह मुरसान क्षेत्र के गांव रायक के जंगल में उत्तरपुस्तिकाओं को तैयार कर रहा था।
पूछताछ में उसने अपना नाम ओमवीर सिंह पुत्र इंस्पेक्टर सिंह निवासी रायक बताया। पुलिस ने उसके कब्जे से इंटरमीडिएट विषय विज्ञान की लिखी हुई सात उत्तरपुस्तिकाएं बरामद कीं। 60 बिना लिखी हुई उत्तरपुस्तिकाएं भी मिलीं। पुलिस टीम ने उससे एक मॉडल पेपर मास्टर माइंड, दफ्ती, पेन व हाईस्कूल के प्रश्रपत्र की कॉपी और दो मोबाइल फोन बरामद किए। यहां पर शिक्षक किस कॉलेज का है, इस बात की पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन अब डीआईओएस ने इस बात की छानबीन कर ली है।
डीआईओएस सुनील कुमार ने बताया कि मुरसान में पकड़ा गया सॉल्वर राजा महेंद्र प्रताप इंटर कॉलेज (आरएमपी इंटर कॉलेज) का था। यह बात पुष्ट हो चुकी है। इसलिए अब कॉलेज के खिलाफ मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई किए जाने के लिए शासन को पत्र लिखा है। इसके अलावा केंद्र को डिबार किए जाने के लिए भी आख्या शासन को भेजी गई है।