न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
एडीजे एफटीसी द्वितीय ने दहेज हत्या के एक मामले में मृतका के पति को दोषी मानते हुए उसे 9 वर्ष की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार महेंद्र सिंह परमार पुत्र दुर्ग सिंह निवासी रुनकता आगरा ने थाना कोतवाली हाथरस में 20 जुलाई 2017 को तहरीर दी की कि उसने अपनी बेटी राधारानी की शादी 13 जुलाई 2016 को श्रीजी फार्म हाउस दयानतपुर से की थी। हैसियत के अनुसार दहेज में 21 लाख रुपये की मांग पर टाटा सफारी व घरेलू सामान, टीवी, फ्रिज, कूलर , बाशिंग मशीन व अन्य सभी सामान , गहने आदि दिए थे। 20 जुलाई 2017 को सुबह करीब 9 बजे बेटी राधारानी के ससुर पप्पू सिंह ने बताया कि उनकी बेटी की तबियत खराब है। शीघ्र देखने आ जाओ।
फोन कटने पर फिर उन्होंने दोबारा फोन मिलाया लेकिन फोन नहीं उठा। बेटी के ससुर पप्पू सिंह पौरूष ने फोन पर बताया कि राधारानी की मृत्यु हो गई। उन्होंने अपनी बेटी के घर आकर देखात तो लाश घर के बाहर लावारिश पड़ी थी। पप्पू सिंह के घर का कोई भी सदस्य मौके पर नहीं था और बेटी मृत अवस्था में पड़ी मिली। उसके गले में फांसी के फंदे का निशान व शरीर पर मारपीट चोटों के निशान थे। उसकी बेटी से शादी के बाद दहेज की मांग करते थे। बीच में उसने कीमती मोबाइल व रुपये भी दिए थे। मरने से पहले राधारानी ने मायके से ससुराल आई थी तो मायके से पैसे लेकर गई थी। इसके बाद भी उसकी बेटी को दहेज न लाने के कारण जाने से मार दिया और अकेली लाश को घर के बाहर छोड़कर भाग गए।
उसकी बेटी की दहेज हत्या करने में मुख्य रूप से हेमंत सिंह उर्फ रघु सिंह, उसके ससुर पप्पू सिंह , सास, ननद , जेठ दिनेश सिंह व जेठानी आदि समस्त निवासी गण खोड़ा हजारी कोतवाली हाथरस हैं। तहरीर के बाद पुलिस ने मुकदमा कायम किया और शव का पोस्टमार्टम कराया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। इस मामले की सुनवाई एडीजे एफटीसी द्वितीय सत्येंद्र सिंह वीरवान के न्यायालय में हुई। न्यायाधीश ने राधारानी के पति हेमंत उर्फ रघु को इस दहेज हत्या को दोषी मानते हुए उसे 9 वर्ष की कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी मुकेश कुमार ने पैरवी की।