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हाथरस : मौसम के बदले मिजाज से गिरे सरसों के दाम

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हाथरस : मंडी में सूखती सरसों। संवाद - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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पिछले दिनों हुई बारिश से सरसों की फसल भीगने का असर बाजार में इसकी थोक कीमतों पर भी पड़ा है। इस कारण सरसों के दामों में गिरावट आ गई है। वर्तमान में सरसों पांच से साढ़े पांच हजार रुपये क्विंटल में बिक रही है। यह दाम किसानों की अपेक्षा के अनुरूप नहीं है।
जिले में बड़े पैमाने पर सरसों की पैदावार होती है। अब खेत-खलिहानों से सरसों मंडी में पहुंचने लग गई है। बीते दिनों हुई बारिश से सरसों की फसल भीग गई थी। किसानों को लगा कि उनकी फसल मौसम की मार से प्रभावित न हो जाए, इसलिए वह गीली सरसों को लेकर मंडी पहुंच रहे हैं। सरसों गीली होने से इसके दाम भी गिर गए हैं। इस कारण किसान परेशान हैं। वैसे सूखी सरसों के दाम छह से साढ़े छह हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं।
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सूखी सरसों बेचकर मुनाफा कमाएंगे आढ़तिये
हाथरस। वर्तमान में मंडी में गल्ला आढ़तियों की करीब 200 दुकानें हैं। किसान जल्दबाजी में गीली सरसों को बेच रहे हैं। आढ़तिया इस सरसों को सुखाकर मुनाफे कमाने में जुटे हैं। सरसों को सुखाकर आढ़तिया इसे बढ़े हुए दामों पर बेचेंगे। आढ़तियों को इस सरसों पर करीब 500 से 700 रुपये क्विंटल का फायदा होगा। संवाद
बीते दिनों हुई रिमझिम बारिश से फसल प्रभावित होने का डर था। इस कारण सरसों की फसल को मंडी पहुंचाना ही सुरक्षित समझा। गीली सरसों पांच हजार से साढ़े पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल ही बिक रही है।
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-कन्हैया, किसान
इस बार सूखी सरसों का दाम सही है, लेकिन मौसम के बिगड़े मिजाज ने फसल के दामों को एक हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा दिया है, इसलिए फसल को मंडी में जल्दी बेचना पड़ रहा है। इस बार पैदावार भी कम रही है।
-भीमसेन, किसान
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