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हाथरस : रजबहे की पटरी कटने से आलू की फसल जलमग्न

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हाथरस : रजबहे की पटरी कटने से डूबी फसल। संवाद - फोटो : MURSAN
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
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रजबहों की सफाई कराए बिना ही उनमें छोड़ा जा रहा पानी किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। शुक्रवार की सुबह पानी के तेज बहाव से गांव करकौली और मंस्या में दो रजबहों की पटरी कट गई, जिससे किसानों की कई बीघा आलू की फसल जलमग्न हो गई। किसानों में इससे काफी आक्रोश नजर आया। उन्हें अपनी फसल की बर्बादी की चिंता सताने लगी। मौके पर राजस्व और सिंचाई विभाग की टीम पहुंच गई। किसी तरह दोनों जगहों पर कटी पटरी को जेसीबी की मदद से ठीक कराके पानी की रोकथाम की गई। एसडीएम ने दोनों जगहों पर किसानों को हुए नुकसान का सर्वे करने के आदेश लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को दिए हैं।
गांव करकौली में सुबह करीब तीन बजे अचानक रजबहे में पानी आ गया। पानी के तेज बहाव को पटरी नहीं झेल सकी और टूट गई, जिससे किसान मिहीलाल पुत्र जसवंत सिंह, रामप्रकाश पुत्र हेतराम और रमेशचंद्र पुत्र सतेंद्र कुमार व अन्य किसानों की लगभग 40 बीघा आलू की फसल डूब गई। गांव मंस्या में भी रजबहे की पटरी पानी के तेज बहाव से टूट गई, जिससे गांव में करीब 15 से 20 बीघा फसल में पानी भर गया। मौके पर राजस्व निरीक्षक देवीशरण शर्मा, प्रभारी कानूनगो नरेंद्र देव, लेखपाल देववृत गौतम पहुंच गए और जेसीबी की मदद से कटी हुई पटरियों को ठीक कराया। इधर, मौके पर सिंचाई विभाग के कर्मी भी पहुंच गए। इन कर्मियों को गुस्साए किसानों ने खूब खरीखोटी सुनाईं।
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किसानों का आरोप था कि रजबहों और माइनरों की सफाई पर हर साल सिर्फ कागजों में ही लाखों रुपये खर्च कर दिए जाते हैं, लेकिन जमीन पर न तो इनकी सफाई होती है और न हीं जर्जर पटरियों की मरम्मत कराई जाती है। यही वजह है कि पानी आते ही पटरियां टूटने लगती हैं और किसानाें की मेहनत की फसल पानी के प्रकोप की भेंट चढ़ने लगती है। एसडीएम विपिन कुमार शिवहरे ने बताया कि आए-दिन रजबहों की पटरी कटने के मामले सामने आ रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजकर रजबहों की सफाई कराने और उनकी पटरियों की मरम्मत कराने के लिए कहा गया है। संवाद
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