न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बिटिया के साथ हुई घटना के बाद प्रदर्शन कर पथराव करने, जाम लगाने व जातीय हिंसा फैलाने के मामले में बयानबाजी करने वालों पर पुलिस-प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम में जिले में करीब दर्जन भर मुकदमे दर्ज किए हैं। इनमें कुछ लोग नामजद हैं और कुछ लोग अज्ञात हैं। इन मुकदमों मेें वीडियो फुटेज आदि के जरिये अन्य लोगों को चिन्हित कर इन्हें आरोपी बनाने की तैयारी की जा रही है।
बिटिया की मौत के बाद जिले में कई दिन जमकर बवाल हुआ। अगले ही दिन शहर में पथराव व तोड़फोड़ हुई। इस मामले में थाना कोतवाली सदर में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य व कुछ नामजद व करीब डेढ़ सौ लोग अज्ञात हैं। जब बिटिया के गांव में भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर जा रहे थे तो सासनी पर पुलिस ने उन्हें रोका था। वहां भी उनके साथ करीब 400 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। बिटिया के गांव में जब सपा व रालोद के नेता जा रहे थे तो बीच सड़क पर जमकर बवाल हुआ था। इस पर भी मुकदमे भी दर्ज किए गए थे।
पूर्व विधायक राजवीर सिंह पहलवान ने जब अपने निवास पर पंचायत की थी तो उसका मुकदमा भी हाथरस गेट कोतवाली में दर्ज किया था। इसमें पूर्व विधायक सहित कुछ लोग नामजद है, जबकि कुछ लोग अज्ञात हैं। आप के नेता संजय सिंह पर स्याही फेंकने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी दीपक शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि उसे बाद में मुचलके पर छोड़ दिया था। कई अन्य नेताओं के खिलाफ इस मामले में जातिगत विद्वेष फैलाने के मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं। कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन के खिलाफ भी चंदपा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। जिन मुकदमों में अज्ञात लोग आरोपी हैं, पुलिस उनको चिन्हित कर रही है। पुलिस इन्हें नामजद आरोपी बनाने की तैयारी में लगी है।