न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)।
कस्बा पुरदिलनगर में शुक्रवार की दोपहर को जुमे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग सड़क पर उतर आए। धारा 144 का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति के नारेबाजी के बीच जुलूस निकालकर पैगंबर पर टिप्पणी करने के विरोध में भाजपा नेता नूपुर शर्मा का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों के मुकाबले पुलिस कर्मियों की संख्या कम थी। लिहाजा कुछ समय तक तो पुलिस बल तमाशा देखता रहा, लेकिन और जवानों के पहुंचने के बाद मामूली पथराव के बीच पुलिस ने लाठियां फटकारकर भीड़ को तितर-बितर कर दिया। मौके पर हंगामा खड़ा हो गया। डीएम रमेश रंजन और एसपी विकास कुमार वैद्य मौके पर पहुंच गए। अलीगढ़ से डीआईजी भी आ गए। पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। एहतियातन जिले के कई थानों का पुलिस बल भी पुरदिलनगर में तैनात कर दिया गया।
बता दें कि नुपूर शर्मा के बयान को लेकर मुस्लिम समाज में खासी नाराजगी है। हालांकि पुलिस-प्रशासन जुमे की नमाज को लेकर कई दिनों से सतर्कता बरत रहा है। पुलिस-प्रशासन को बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि पुरदिलनगर में जुलूस निकालकर पुतला फूंका जाएगा। दोपहर करीब सवा बजे एसडीएम अंकुर वर्मा, सीओ सुरेंद्र सिंह कस्बे में भ्रमण करके वापस चले गए, लेकिन नमाज के बाद बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग नूपुर शर्मा का पुतला हाथों में लेकर सड़क पर उतर आए और नारेबाजी करते हुए जुलूस निकालना शुरू कर दिया। यह देखकर मौके पर मौजूद पुलिस कर्मी भी हड़बड़ा गए। इस दौरान वहां मौजूद सीओ सुरेंद्र सिंह और कोतवाली निरीक्षक सिकंदराराऊ अशोक कुमार सिंह की लोगों से तीखी नोकझोंक हो गई। सीओ ने तुरंत और पुलिस बल मौके पर बुला लिया। आते ही पुलिस बल ने लाठियां फटकारकर जुलूस निकाल रहे लोगों को गलियों में खदेड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान हल्का पथराव किया गया, जिससे एक पुलिस कर्मी घायल हो गया।
मौके पर एडीएम न्यायिक मोइनुद्दीन इस्लाम, एडीएम वित्त एवं राजस्व बसंत लाल, एएसपी प्रकाश कुमार पहुंच गए। इसके बाद डीएम रमेश रंजन, एसपी विकास कुमार वैद्य और अलीगढ़ से डीआईजी दीपक कुमार भी पहुंच गए। अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ पूरे कस्बे में पैदल मार्च किया। डीआईजी दीपक कुमार ने बताया कि 40-50 लड़के इकट्ठा हो गए थे। उन्हें लाठियां फटकारकर भगा दिया गया। इस मामले में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है। जुलूस निकालने वालों के खिलाफ धारा 144 का उल्लंघन करने और बिना अनुमति जुलूस निकालने के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामला सांप्रदायिक नहीं है। ज्ञापन देना और विरोध करना अपराध नहीं है, लेकिन बिना अनुमति ऐसा करना गैरकानूनी है। कस्बे में स्थित पूरी तरह सामान्य है और मौके पर कोई तनाव नहीं है।
इधर, डीएम रमेश रंजन व एसपी विकास कुमार वैद्य की तरफ से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि पुरदिलनगर में नमाज के आधा घंटे बाद बिना अनुमति के कुछ लोगों द्वारा विरोध-प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की जा रही थी। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर समझा-बुझा कर उन्हें वापस भेज दिया। प्रकरण को लेकर आठ व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। मौक पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। संवाद