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हाथरस: संसद में फिर पीएम ने सुनाई काका हाथरसी की कविता

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संसद में फिर पीएम ने सुनाई काका हाथरसी की कविता
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क्षेत्रीय सांसद राजवीर दिलेर ने जताई बेहद खुशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। काका हाथरसी का नाम और उनकी कविताएं अक्सर पीएम नरेंद्र मोदी के भाषणों में शामिल रहती हैं। बृहस्पतिवार को फिर नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में अपने भाषण में काका हाथरसी का एक व्यंग्य सुनाया और इस व्यंग्य के माध्यम से विरोधियों पर वार किया।
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राज्यसभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी द्वारा दिल्ली में रैली में एक भाषण का जवाब देते हुए काका हाथरसी का यह व्यंग्य सुनाया।
प्रकृति बदलती क्षण-क्षण देखो,
बदल रहे अणु, कण-कण देखो।
तुम निष्क्रिय से पड़े हुए हो
भाग्यवाद पर अड़े हुए हो।
छोड़ो मित्र, पुरानी ढपली,
जीवन में परिवर्तन लाओ।
परंपरा से ऊंचे उठ कर,
कुछ तो स्टैंडर्ड बनाओ।
उल्लेखनीय है कि पहले भी संसद में पीएम काका हाथरसी की कविता सुना चुके हैं। पीएम द्वारा काका की कविता को राज्यसभा में सुनाने पर सांसद राजवीर दिलेर का कहना है कि देश के पीएम द्वारा काका की कविता को राज्यसभा में सुनाना इस बात को दर्शाता है कि काका पूरे देश के महान हास्य रस कवि थे। राजवीर दिलेर का कहना है कि वह उन्हीं के लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं और इस बात पर खुद को काफी गौरवान्वित महसूस करते हैं।
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