स्वास्थ्य व परिवहन सेवाओं के लिए जूझते रहे सालभर लोग
चिकित्सक व संसाधनों की कमी झेली मरीजों ने
डिपो को नहीं मिली नई बस, किसी भी नई ट्रेन का नहीं हुआ ठहराव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। इस साल भी जिले के लोग स्वास्थ्य और परिवहन सुविधाओं के लिए जूझे। चिकित्सकों व संसाधनों की कमी से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बदहाल रही तो परिवहन सेवाओं में जिले के लोगों को कुछ खास हासिल नहीं हुआ।
जनपद में एक जिला अस्पताल, एक जिला महिला अस्पताल, सात सामुदायकि स्वास्थ्य केंद्र सहित 27 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। लेकिन इस साल भी मरीजों को चिकित्सकों की कमी खली। हालांकि जिला अस्पताल में लगी सीटी स्केन मशीन व डिजिटल एक्सरे मशीन से काफी सुविधा है, क्योंकि यह सुविधा लोगों को नि:शुल्क मिल रही है। वहीं जिलेभर में 41 सरकारी एम्बुलेंस हैं। जिनमें तीन एएलएस, बीस 108 और अठारह 102 एम्बुलेंस हैं। जिला अस्पताल में डॉक्टरों के 25 पदों के सापेक्ष 12 डॉक्टर तैनात हैं।
वहीं स्टाफ नर्स 26 के सापेक्ष 20 हैं। जिला महिला अस्पताल में 14 पदों के सापेक्ष 8 डॉक्टर्स तैनात हैं। इन आठ में से भी एक का अलीगढ़ में अटैचमेंट है। जिले में इस बार भी संक्रामक रोगों ने त्राहि त्राहि मचाई। डेंगू ने शहर से देहात तक अपने पैर पसारे, लेकिन इससे निपटने के कोई इंतजाम स्वास्थ्य विभाग द्वारा नहीं किए गए। ढाई दर्जन लोगों की वायरल फीवर, मलेरिया, डेंगू से मौत हो गई लेकिन विभागीय अधिकारी इससे इंकार करते रहे।
परिवहन सुविधाओं का भी इस साल यहां टोटा रहा। बाइपास के चक्कर में काफी रोडवेज बसें शहर के अंदर नहीं आई और लोगों को प्राइवेट वाहनों में धक्के खाने में मजबूर रहना पड़ा। हाथरस डिपो को इस साल एक भी नई बस नहीं मिली और पुरानी खटारा बसों में सफर करने को मजबूर रहे। कहने को तो हाथरस तीन बड़े रेलवे स्टेशन हैं। उत्तर मध्य व पूर्वोत्तर रेलवे की लाइनें यहां से गुजरती हैं। इस साल भी ट्रेनों के स्टॉपेज का समय नहीं बढ़ा न ही किसी नई ट्रेन का ठहराव हुआ। इस कारण लोगों को आगरा अलीगढ़ व मथुरा के लिए जाना पड़ा। हालांकि इस साल मथुरा कासंगज रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण होने के साथ ट्रेनों का संचालन हुआ।
अस्पताल के सीएमएस डॉ.रुपेंद्र गोयल ने बताया कि अस्पताल में ओपीडी कॉम्प्लैक्स नहीं है। जिसके कारण यहां पर ओपीडी में मरीजों को देखनें काफी दिक्कत होती है। डॉक्टरों की भारी कमी है, लेेकिन फिर भी यहां पर आने वाले रोगियों को पूरा इलाज देने का प्रयास किया जाता है।