हाथरस:जिला अस्पताल के कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
लॉकडाउन में गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों के सामने खासी समस्या पैदा हो गई है। जिन लोगों का इलाज दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और आगरा जैसे बड़े शहरों में चल रहा है, वह लोग वहां नहीं जा पा रहे। परिजन शहर के मेडिकल स्टोरों से पर्चे की मदद से दवा तलाश रहे हैं। दवा नहीं मिलने के कारण मरीजों को दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है ।
24 मार्च को हुए लॉकडाउन ने अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के सामने मुश्किल है खड़ी कर दी हैं। मरीजों को पर्याप्त उपचार नहीं मिल पा रहा है, न ही चिकित्सक से परामर्श मिल पा रहा है। इस समय तमाम तरह की पीड़ा सह रहे हैं। उनके परिजन दवा के पर्चे को लेकर मेडिकल स्टोरों पर भटक रहे हैं, लेकिन पूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। साथ ही कोरोना के पैर पसारने के कारण परिजनों अस्पतालों में दिखाने में डर भी लग रहा है।
कुछ साल पहले ब्रेन हेमरेज की शिकायत हुई थी। अब आगरा की दवा चल रही है। अब लॉकडाउन में आगरा बंद है। कोरोना के चलते वहां जा नही पा रही हूं। यहां भी दवा भी नहीं मिल पा रही है। बिना दवा के एक-एक दिन मुश्किल से कट रहा है।
-ऊषा पचौरी मरीज।
मुझे गठिया की दिक्कत है। मेरा दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में इलाज हो रहा है। अब लॉकडाउन के चलते हम हॉस्पिटल नहीं जा पा रहे हैं। बिना दवा के काफी पीड़ा हो रही है। यहां पर दवा नहीं मिल पा रही है।
-शारदा कौशिक मरीज।