फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथरस: आखिर पुलिस की पकड़ में आ ही गया पम्मा

विज्ञापन
प्रमोद गौतम उर्फ पम्मा का जिला अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण कराती पुलिस। - फोटो : HATHRAS
विज्ञापन
आखिर पुलिस की गिरफ्त में आया ‘पम्मा’
विज्ञापन

महरारा निवासी प्रमोद उर्फ पम्मा की गिरफ्तारी के लिए कई दिनों से परेशान थी पुलिस
सोमवार को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर किया कोर्ट में पेश
धोखाधड़ी और फर्जी कागजात तैयार कर शस्त्र लाइसेंस बनवाए जाने का है मामला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। कई दिनों की भागदौड़ के बाद पुलिस ने प्रमोद गौतम उर्फ पम्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसका जिला अस्पताल में डॉक्टरी परीक्षण कराया और फिर उसे कोर्ट में पेश किया।
सहपऊ क्षेत्र के गांव महरारा निवासी प्रमोद गौतम उर्फ पम्मा और उसके बेटे के खिलाफ 28 जुलाई 2018 को गांव के ही रहने वाले अधिवक्ता नीरज शर्मा ने कोतवाली सदर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें इन दोनों पर धोखाधड़ी और फर्जी कागजात तैयार कर शस्त्र लाइसेंस बनवाए जाने का आरोप था। इस मामले में अधिवक्ता ने कोतवाली पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था, जिसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर इस मामले की चिवेचना सासनी कोतवाली पहुंच गई।
विज्ञापन

यहां पर की गई जांच के बाद पम्मा गौतम के खिलाफ गिरफ्तारी तहरीर भी जारी हो गई, लेकिन इस बीच सासनी के तत्कालीन एसएचओ को स्थानांतरण हो गया। इसकी विवेचना इंस्पेक्टर क्राइम कैलाशबाबू को दे दी गई। इसके बाद अधिवक्ता पुलिस के खिलाफ कोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने 18 अक्तूबर को आदेश पारित कर तीन हफ्ते में पम्मा को गिरफ्तार करने का समय पुलिस को दिया गया। इसे लेकर पुलिस पम्मा की गिरफ्तारी के लिए इधर-उधर दौड़ने लगी। सात नवंबर को भी वह पुलिस के हाथ नहीं लगा।
पूर्व विधायक के घर से सामने भी खूब ड्रामा हुआ था। सोमवार को पुलिस को पम्मा को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिल गई। शहर के मुख्य डाकघर के सामने से पम्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसे पुलिस अपनी निगरानी में जिला अस्पताल लेकर पहुंची। यहां पर काफी देर तक डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों ने पम्मा के स्वास्थ्य की जांच की। यहां पर कोतवाली सदर, कोतवाली हाथरस गेट की पुलिस काफी देर तक जमी रही। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद पुलिस ने पम्मा को कोर्ट में पेश किया।
विज्ञापन

शस्त्र लाइसेंस बनवाने के दौरान पम्मा के द्वारा कुछ सूचनाओं को गलत तरीके से पेश किया गया था। इस संबंध में 420, 468 आईपीसी की धाराओं में अभियोग पंजीकृत था। इसे लेकर वारंट जारी हुआ था, आज इनकी गिरफ्तारी हो गई है। विधिवत चिकित्सकीय जांच के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया।
-सिद्धार्थ वर्मा, एएसपी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें