गौरव भारद्वाज
हाथरस। कोरोना संक्रमण के इस दौर में मरीजों को ऑक्सीजन की काफी जरूरत पड़ रही है और ऑक्सीजन की किल्लत भी हो रही है। शहर के तालाब चौराहे पर बन रहे ओवरब्रिज को भी ऑक्सीजन की जरूरत है। करीब 30 ऑक्सीजन सिलिंडर मिलें, तब एक माह में ओवरब्रिज का निर्माण पूरा हो सकेगा। गौरतलब है कि इस समय सरकार ने ऑक्सीजन के औद्योगिक प्रयोग पर रोक लगा रखी है। इस कारण सेतु निगम ने काम रोक रखा है।
उल्लेखनीय है कि शहर के तालाब चौराहे पर लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए दो साल पहले ओवरब्रिज का निर्माण शुरू कराया था। रेलवे ने अर्च डिजायन में 48 मीटर का गार्डर भी स्थापित कर दिया है। पुल की परिधि में सेतु निगम ने लिंक रोड भी तैयार कर दिया है। ओवरब्रिज की सतह पर गिट्टी भी डाल दी गई है। अब डामरीकरण का काम किया जाना है। यह काम तो जल्द हो जाएगा।
सबसे बड़ी दिक्कत ओवरब्रिज के निर्माण में ऑक्सीजन सिलिंडर की आ रही है। सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि शासन ने ऑक्सीजन के औद्योगिक प्रयोग पर रोक लगा रखी है। ओवरब्रिज के निर्माण को पूरा करने के लिए करीब 30 ऑक्सीजन सिलिंडरों की जरूरत है। आक्सीजन सिलिंडर की मदद से सरिया काटने के अलावा वेल्डिंग व अन्य काम किया जाना है। ऑक्सीजन न मिलने के कारण वह निर्माण को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। ऑक्सीजन मिलने के बाद वह एक माह में ओवरब्रिज के निर्माण को पूरा करने की बात कह रहे हैं। संवाद
सरकार ने ऑक्सीजन के औद्योगिक इस्तेमाल पर रोक लगा रखी है। सरिया, लोहा काटने और वेल्डिंग के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर चाहिए। करीब 30 ऑक्सीजन सिलिंडरों की जरूरत है। सिलिंडर मिलने के एक माह के भीतर काम पूरा हो जाएगा।
-एसके सुमन, एई सेतु निगम