फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथरस: हमारा तो देश निकाला ही हो जाएगा

विज्ञापन
हाथरस: बिटिया के खेत में खड़ी बर्बाद फसल। - फोटो : HATHRAS
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन

बिटिया के परिजन अपनी सुरक्षा को लेकर फिर चिंतित दिखे। बिटिया के पिता ने कहा कि एक तरह से इस गांव से हमारा ‘देश निकाला’ ही हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह और पूरा परिवार इस दौरान केस में उलझे रहे और फसल भी बर्बाद हो गई। अब वह मंगलवार से खेत में फसल की कटाई कराएंगे। सरकार द्वारा आर्थिक मदद मिलने की बात भी उन्होंने स्वीकार की है।
अभी तो बिटिया के घर पर काफी पुलिस फोर्स तैनात है, लेकिन भविष्य में जब सुरक्षा नहीं रहेगी, तब क्या होगा, यह सोचकर परिजन चिंतित हैं। बिटिया के पिता का कहना है कि एक तरह से हमारा इस गांव से ‘देश निकाला’ ही हो गया है। जब तक रहा जा रहा है, तब तक रह रहे हैं। भविष्य में कहां जाकर बसना है, इसके बारे में अभी नहीं सोचा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने जो आर्थिक मदद दी थी, वह हमें मिल गई है।
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि सरकार ने उन्हें कुल 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी थी। राहुल गांधी द्वारा दिए गए चेक पर उन्होंने कुछ भी नहीं बताया। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले सहित अन्य कई नेता भी उन्हें सरकारी मदद की घोषणा कर गए थे। इस बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हम इस पूरे मामले में उलझे रहे। ऐसे में हमारी पूरी फसल बर्बाद हो गई है। जो कुछ बची है, उसकी मंगलवार से कटाई कराएंगे। हमने इस बार पांच बीघा खेत में बाजरे की फसल की थी। अस्थियों के विसर्जन के बारे में उन्होंने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक अस्थियां विसर्जित नहीं करेंगे।
विज्ञापन

ज्यादातर रिश्तेदार जा चुके हैं बिटिया के घर से
हाथरस। बिटिया के घर से ज्यादातर रिश्तेदार भी अब चले गए हैं। घर में पीड़ित परिवार और कुछ सगे संबंधी ही बचे हैं। बिटिया के पिता ने बताया कि उनका छोटा बेटा बाहर नौकरी करता था, लेकिन इस केस के चक्कर में वह भी यहीं पर है। अभी तो केस की तारीख पड़ेंगी। ऐसे में बेटा कहां बाहर जा पाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई हमसे पूछताछ कर चुकी है, फिर आने की बात भी कह चुकी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें