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हाथरस : वीसी के माध्यम से किया अलीगढ़ जेल का ऑनलाइन निरीक्षण

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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जनपद न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह प्रथम के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव चेतना सिंह ने अलीगढ़ जिला कारागार का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन निरीक्षण किया। उनकी अध्यक्षता में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के बैनर तले अलीगढ़ जेल में निरुद्ध बंदियों के मध्य ऑनलाइन विधिक साक्षरता शिविर का भी आयोजन किया गया। इसमें डिप्टी जेलर अनिल कुमार सिंह भी मौजूद थे।
शिविर में सचिव ने उपस्थित बंदियों को उनके अनुकूल विधिक सेवाओं की जानकारी देते हुए कहा कि यदि उनके मुकदमे में पैरवी के लिए अधिवक्ता नहीं है तो वह एक प्रार्थना पत्र कारागार अधीक्षक के माध्यम से संबंधित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को देकर नि:शुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं। सचिव ने कहा कि किसी भी समस्या के लिए कोई भी व्यक्ति सचिव को आवेदन देकर विधिक सहायता प्राप्त कर सकता हैै।
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सचिव ने प्राधिकरण के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक प्रकार के दीवानी, फौजदारी (शमनीय) वादों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते के आधार पर कराना, साक्षरता शिविरों के माध्यम से जनता को प्राधिकरण के उद्देश्यों की जानकारी देना, लोक अदालतों का आयोजन कराना, गरीब एवं पात्र व्यक्तियों को नि:शुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना इसका उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा रिट पिटीशन में दिए गए निर्देशों के आलोक में उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक 26 अप्रैल 2021 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जिला कारागार में निरुद्ध ऐसे विचाराधीन बंदी, जिनके मामलों में सात वर्ष तक की सजा का प्राविधान है, उनको 60 दिन की अंतरिम जमानत पर रिहा किया जा रहा है। ऐसे बंदी अपना प्रार्थनापत्र जिला कारागार से अग्रसारित कराकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस को भिजवा सकते है और इसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं। अब तक हाथरस जिले से संबंधित 161 विचाराधीन बंदियों को इस आदेश के अनुपालन में 60 दिन की अवधि की अंतरिम जमानत पर रिहा किया जा चुका है। सचिव ने ऑनलाइन निरीक्षण के समय कारागार में निरुद्ध बंदियों से उनकी तारीख पेशी एवं भोजन के संबंध में जानकारी की।
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बंदियों ने अवगत कराया कि सुबह नाश्ता, प्रात: कालीन भोजन एवं सायंकालीन भोजन दिया जा रहा है। डिप्टी जेलर अनिल कुमार ने बताया कि निरुद्ध बंदियों को अपने घर पर बात करने के लिए पीसीओ लगा हुआ है। इसमें 10 फोनों की व्यवस्था की गई है। जेल में नियमित रूप से साफ-सफाई कराई जा रही है तथा वर्तमान में कोरोना महामारी के चलते सभी बंदियों के लिए मास्क एवं सैनिटाइजर की समुचित व्यवस्था की गई है।
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