न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस डिपो के अफसरों को चालकों की जान की परवाह नहीं है। रोडवेज बसों में चालक की सीट के पास अधिकतर बसों में तार खुले पड़े हैं। चालकों को बैटरी से करंट लगने के साथ अनहोनी का डर सताता रहता है। कई बार चालकों से डेसबोर्ड के तारों को दुरुस्त करने की मांग की, लेकिन हालत जस के तस हैं।
परिवहन निगम अपने यात्रियों को सुरक्षित सुविधा जनक सफर की बात करता है। हकीकत यह है कि निगम को अपने चालकों की जान की फिक्र नहीं है। इसका जीता जागता प्रमाण रोडवेज बसों में चालक सीट पर देखा जा सकता है।
चालकों की सीट के पास खुले तार अनहोनी को न्योता देते रहते हैं। विभागीय अधिकारी कहते हैं कि नई बसों में तो तारों को अंदर कर दिए गए हैं। यह पुरानी बसों की समस्या है। इस मामले में एआरएम को फोन किया तो फोन नहीं उठा सका।