न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले के राजस्व ग्रामों में तैनात सफाई कर्मचारी अफसरों की चाकरी कर रहे हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि वेतन आहरण के लिए वह जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ) के कार्यालय में यह प्रमाणपत्र दे रहे हैं कि उन्होंने अपनी तैनाती वाली ग्राम पंचायत में सफाई का कार्य किया है। असलियत में यह कर्मचारी अफसरों के घरों और कार्यालयों में तैनात हैं।
पंचायतराज विभाग के रिकॉर्ड के हिसाब से करीब चार दर्जन सफाई कर्मचारी अपनी तैनाती वाली ग्राम पंचायतों में सफाई कार्य करने की बजाय अफसरों की चाकरी कर रहे हैं, जबकि पूर्व में शासन ने आदेश दिए थे कि राजस्व ग्रामों में तैनात सफाई कर्मियों से सफाई के अलावा कोई अन्य कार्य नहीं लिया जाए, अन्यथा पूर्ण जिम्मेदारी जिला पंचायतराज अधिकारी की होगी। जिले में चार्ज संभालने के साथ ही डीपीआरओ सुबोध जोशी ने निर्देश दिए थे कि सफाई कर्मियों का अपनी तैनाती वाले राजस्व ग्रामों में सफाई कार्य संबंधी प्रमाण पत्र देने पर ही वेतन आहरित किया जाएगा, लेकिन हालात में कोई बदलाव नहीं आया।
अब वेतन आहरण के समय से अफसरों की चाकरी करने वाले सफाई कर्मियों ने संबंधित ग्राम प्रधानों व सचिवों से सफाई कार्य करने संबंधी प्रमाण पत्र देकर वेतन आहरण की प्रक्रिया शुरू करा ली है। डीपीआरओ सुबोध जोशी ने बताया कि ग्राम प्रधान व सचिव से प्राप्त उपस्थिति प्रमाणपत्र के आधार पर ही सफाई कर्मियो ंके वेतन की निकासी की जा रही है। उन्होंने बताया कि अफसरों के यहां कार्य करने वाले सफाईकर्मियों ने भी तैनाती वाले राजस्व ग्रामों से प्रमाण पत्र दे दिए हैं। संवाद