न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में शिक्षुता प्रशिक्षण योजना को लेकर शासन के आदेशों को दरकिनार कर दिया गया है। जिले के सरकारी, अर्द्धसरकारी निगमों व निजी उद्योगों द्वारा इस योजना के तहत अभी तक पंजीकरण नहीं कराया गया है। इस बारे में कई बार सभी को इस योजना से मिलने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी जा चुकी है।
भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशील मंत्रालय के अधीन शिक्षुता प्रशिक्षण योजना की शुरुआत की गई है। योजना के अंतर्गत युवाओं को विभिन्न शासकीय, अर्द्धशासकीय सरकारी, निगम एवं निजी उद्योगों/अधिष्ठानों के माध्यम से आधुनिक कौशलों में प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए तैयार किया जाता है।
सरकार द्वारा अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना लागू की गई है, जिसके तहत 30 से अधिक कार्मिकों (संविदा कार्मिक सहित) की क्षमता वाले समस्त सरकारी, सरकारी निगम एवं निजी उद्योगों/अधिष्ठानों को विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण कराने के लिए न्यूनतम 2.5 से 15 प्रतिशत तक अपने यहां युवाओं की मांग तैयार करनी है। प्रशिक्षुओं को दी जाने वाली वेतन राशि का अधिकतम 1500/-प्रतिमाह की पूर्ति भारत सरकार द्वारा उद्योगों/अधिष्ठानों को दी जाएगी।
मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम के तहत भी 1000 रुपये की धनराशि प्रदेश सरकार द्वारा उद्योगों/अधिष्ठानों को दी जाएगी। योजना के तहत सभी नगर निकायों व निजी उद्योगों को कई बार निर्देश व जानकारी दी जा चुकी है। इसके बावजूद अभी तक पोर्टल पर एक भी रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका है। आईटीआई प्रधानाचार्य राजेश्वर सिंह ने बताया कि योजना के तहत युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के साथ प्रशिक्षित भी किया जाएगा।