न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शासन-प्रशासन भले ही तमाम दावे करे, लेकिन ऑक्सीजन की कमी लोगों की जान ले रही है। ऑक्सीजन समय पर न मिलने पर एक महिला अधिवक्ता सहित दो की जान चली गई। महिला अधिवक्ता ने जहां आगरा में दम तोड़ दिया तो एक वृद्धा की जिले के एक अस्पताल में मौत हो गई।
स्थानीय आवास-विकास कॉलोनी निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता मधुवाला विमल की तबियत कई दिन से खराब थी। उन्हें टाइफाइड था और लो ब्लडप्रेशर की भी शिकायत थी। उन्हें शहर के एक निजी नर्सिंग होम में दाखिल कराया गया, लेकिन शनिवार की शाम को उनकी हालत और बिगड़ गई और ऑक्सीजन लेवल नीचे चला गया।
इसके बाद परिजन उन्हें जिला बागला अस्पताल लेकर आए, लेकिन परिजनों की मानें तो वहां भी ऑक्सीजन न होने की बात कह दी गई। ऐसे में रात्रि में परिजन उन्हें आगरा के लिए एंबुलेंस से ले गए। आगरा के कई अस्पतालों के परिजनों ने चक्कर काटे, लेकिन कहीं भी ऑक्सीजन का इंतजाम नहीं हो सका। ऐसे में रविवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
उनके निधन पर वरिष्ठ अधिवक्ता लल्लन बाबू, बृजमोहन राही, केसी निराला, दिनेश देशमुख आदि ने गहरा शोक जताया है। शहर की निवासी 62 वर्षीय एक वृद्धा को भी तबियत बिगड़ने पर अलीगढ़ रोड पर एक अस्पताल में दाखिल कराया गया। उनका ऑक्सीजन लेवल भी नीचे चला गया। ऑक्सीजन के साथ समय रहते वेंटिलेटर का इंतजाम नहीं हो सका और उन्होंने भी दम तोड़ दिया। दोनों के परिजनोें का यही कहना था कि काश ऑक्सीजन होती तो जान बच जाती।