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हाथरस : निजी एंबुलेंसों के ऑक्सीजन सिलिंडर भी खाली

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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प्रशासन के दावे के बाद भी ऑक्सीजन की किल्लत बनी हुई है। बागला जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भी ऐसे ही मरीज ज्यादा आ रहे हैं, जिनका ऑक्सीजन लेबल कम हो रहा है। जिला अस्पताल में इन मरीजों का पर्याप्त उपचार नहीं हो रहा और वहां से उन्हें रेफर किया जा रहा है। वहीं एंबुलेंस चालकों को भी ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं मिल रहा। ऐसे में रेफर किए गए अधिकतर मरीज रास्ते में ही दम तोड़ दे रहे हैं।
जिले में ऑक्सीजन न मिलने की वजह से रोजाना लोगों की मौत हो रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी बंद है। ऐसे में जब मरीजों को इमरजेंसी वार्ड में लाया जा रहा है तो वहां मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत ही महसूस हो रही है। वहां ऑक्सीजन तो मरीजों को मिल रही है लेकिन पर्याप्त उपचार नहीं मिल रहा। ऐसे में इन मरीजों को यहां से बाहर रेफर किया जा रहा है। इन मरीजों को उनके तीमारदार प्राइवेट एंबुलेंस में ले जा रहे हैं लेकिन इन एंबुलेंसों में ऑक्सीजन सिलिंडर खाली होने से अधिकतर मरीज रास्ते में ही दम तोड़ रहे हैं। जिला अस्पताल में शनिवार को ऐसे कई मामले आए। वहां भर्ती कई मरीजों ने दम तोड़ दिया।
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अस्पताल में उपचार के दौरान वृद्धा ने तोड़ा दम
हाथरस। स्थानीय कर्बला रोड निवासी 70 वर्षीय एक वृद्धा आसमां को हालत बिगड़ने पर उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। वहां उसकी मौत हो गई तो परिजन रोने लगे। परिजनों को शव वाहन नहीं मिला। इस पर प्राइवेट वाहन से परिजन उसे अपने घर तक ले गए।
बुखार से वृद्ध ने तोड़ा दम
हाथरस। स्थानीय तमना गढ़ी निवासी 67 वर्षीय एक वृद्ध की बुखार से मौत हो गई। उसे अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया। वहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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तबियत बिगड़ने से एक और की गई जान
हाथरस। मडिया कर्मी नरेश सागर के पिता प्रेमचंद की तबियत शनिवार की दोपहर को एकाएक खराब हुई। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। वहां उन्हें ऑक्सीजन भी चढ़ाई गई लेकिन इसके बाद भी उनकी जान नहीं मच सकी। उनकी मौत के बाद कोहराम मच गया।
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