न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
नई महायोजना को लेकर नगर पालिका कार्यालय में नगर नियोजन विभाग की टीम की नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा के साथ बैठक हुई। इसमें महायोजना को सीमा विस्तार के उपरांत वृहद रूप से बनाने पर जोर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि नई महायोजना को लेकर नगर पालिकाध्यक्ष ने कई बार शासन स्तर पर पत्राचार किया है। इस क्रम में शनिवार को आगरा से सहयुक्त नगर नियोजक अशोक कुमार व सहायक नगर नियोजक जेके शर्मा और उनकी टीम यहां पहुंची। बैठक में नगर पालिकाध्यक्ष ने बताया कि सीमावृद्धि के उपरांत वर्तमान नगर क्षेत्र पुराने नगर क्षेत्र से पांच गुना ज्यादा बड़ा हो चुका है। लिहाजा नई महायोजना बनाने से पूर्व इस सीमावृद्धि को ध्यान में रखते हुए जलभराव, अतिक्रमण, ट्रैफिक जाम और वायु प्रदूषण जैसी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए काम किया जाए।
नगर में ट्रांसपोर्ट नगर, ग्रीन बेल्ट, सीवर सिस्टम, आउटर रिंग रोड, गो आश्रयशाला, बंदर आश्रयशाला, स्वान आश्रयशाला और अतिथिगृह जैसी सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाए। महायोजना की परिकल्पना इस प्रकार होनी चाहिए कि नगर शासन की मंशा के अनुरूप स्मार्ट सिटी की ओर अग्रसर हो। उन्होंने कहा कि नगर की महायोजना वर्ष 2021 में समाप्त हो रही है। नगर इतना सिकुड़ा हुआ है कि यहां मनोरंजन के लिए कोई पार्क भी नहीं है। नगर में एक बड़े पार्क की आवश्यकता है।
बैठक में सहयुक्त नियोजक ने बताया कि वर्तमान में पुरानी योजना का कन्वर्जन कार्य चल रहा है, लेकिन नई महायोजना के लिए शासन से अनुमति लेने के लिए शीघ्र ही कार्यवाही की जाएगी। बैठक में नगर पालिका के सहायक अभियंता(सिविल) डंबर सिंह, अवर अभियंता महेशचंद्र शर्मा, कर अधीक्षक देवेंद्रकुमार, मुख्य स्वच्छता निरीक्षक संदीप भागर्व, विनियमित क्षेत्र के ड्राफ्टमैन वीरेंद्र वर्मा, आमोद गौड़ आदि मौजूद थे।