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योगी के मंत्रिमंडल में हाथरस को फिर नहीं मिली जगह

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योगी के मंत्रिमंडल में हाथरस को फिर नहीं मिली जगह
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सारी चर्चाएं व कयासों को लगा विराम, कई स्थानीय नेता व समर्थक निराश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिपरिषद के विस्तार में इस बार भी हाथरस को जगह नहीं मिली। मंत्रिमंडल में जनपद के किसी भी विधायक या नेता को जगह नहीं मिली। इसके साथ ही तमाम तरह की चर्चाओं को विराम लग गया। इससे कई स्थानीय नेता व उनके समर्थकों में निराशा दिखी।
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इस जिले में तीन में से 2 सीटें हासिल की थी। उसके बाद इस साल लोकसभा चुनाव भी भाजपा ने ही जीता था। योगी सरकार में इस जिले के किसी विधायक या अन्य नेता को शामिल नहीं किया गया था। ऐसे में यह उम्मीद लगाई जा रही थी कि योगी सरकार में यहां के किसी विधायक अथवा भाजपा के किसी वरिष्ठ नेता को मंत्री बनाया जा सकता है। सबसे ज्यादा चर्चाएं सदर विधायक हरीशंकर माहौर के नाम की हो रही थी।
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माहौर भाजपा के काफी पुराने नेता हैं और सासनी क्षेत्र से पूर्व में तीन माह विधायक भी रह चुके हैं। इस बार वह हाथरस सदर सीट से विधायक हैं। इसकी वजह पार्टी से उनका पुराना जुड़ाव और दलित चेहरा माना जा रहा था। हालांकि माहौर का कहना था कि उन्हें किसी पद की कोई लालसा नहीं है और वह तो पार्टी के निष्ठावान सिपाही हैं। सोशल मीडिया पर पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के मंत्री बनने की चर्चा भी जमकर हुई।
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सोशल मीडिया पर यह खबर उड़ी कि रामवीर को भाजपा मंत्री बना सकती है। वैसे भी रामवीर बसपा से निलंबित चल रहे हैं। हालांकि रामवीर ने खुद इसका खंडन किया था। इसी तरह से पूर्व सांसद राजेश दिवाकर के भी मंत्री बनने की चर्चाएं हुई लेकिन बुधवार को जब मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ तो इसमें हाथरस का कोई चेहरा शामिल नहीं था। ऐसे में कुछ नेता व उनके समर्थक खासे निराश दिखे।
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