न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
रोडवेज के बड़े में संचालन के लिए एक दर्जन से अधिक बसें कम हो गई हैं। खर्चे को कम करने के लिए हाथरस डिपो ने बसों के परमिट को सरेंडर किया है। अब लोकल से लेकर लंबे रूट पर 63 बसों का संचालन होगा। आमदनी को बढ़ाने की कोशिश शुरू हो गई है। अब तक जिले के संभागीय परिवहन विभाग में अब तक 50 वाहनों के परमिट सरेंडर किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि मार्च से हाथरस डिपो कोरोना काल के चलते घाटे से जूझ रहा है। निगम के अफसरों ने साफ शब्दों में कह दिया है कि 50 प्रतिशत से कम सवारियों पर वाहनों का संचालन नहीं किया जाए। इन-दिनों यात्रियों का अभाव है। इस कारण बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है।
बीते दिनों परिवहन निगम के अफसरों ने वाहन स्वामियों को राहत देने के लिए वाहनों के परमिट सरेंडर करने का आदेश किया था। रोडवेज ने खर्चे को कम करने के लिए एक अनुबंधित सहित एक दर्जन से अधिक बसों के परमिट को सरेंडर कर दिया है। अब मार्गों पर बस 63 बसों का संचालन होगा।
आमदनी बढ़ी तो दुबारा जारी करा सकते है परमिट
हालांकि रोडवेज ने एक अनुबंधित सहित एक दर्जन से अधिक बसों के परमिट को सरेंडर किया है। रोडवेज अधिकारियों का यह भी कहना है कि यदि आमदनी में इजाफा होता है तो बसों के परमिट को दोबारा से जारी कराया जा सकता है।