न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में गेहूं की कटाई शुरू होने के साथ कृषि विभाग की ओर से किसानों को पराली नहीं जलाने के संबंध मेें जागरूक किया जा रहा है। कृषि विभाग की ओर से यह भी साफ किया गया है कि पराली जलाने वालेेेे किसानों से अर्थदंड वसूला जाएगा। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में पराली जलाने वालों पर सैटेलाइट के माध्यम से भी निगरानी हो रही है।
शासन के निर्देश पर लॉकडाउन में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए गेहूं कटाई का कार्य शुरू हो गया है। गेहूं कटाई शुरू होते ही कृषि विभाग की टीमों द्वारा क्षेत्रों में भ्रमण कर किसानों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। वहीं क्षेत्र में पराली न जलाने के बारे में भी किसानों को जागरूक किया जा रहा है। जिला कृषि अधिकारी डिपिन कुमार ने बताया कि जिले में पराली जलाने वाले किसानों से सख्ती से निपटा जाएगा। पराली जलाने वाले किसानों से अर्थदंड वसूला जाएगा।
उन्होंने बताया कि दो एकड़ तक 2500 रुपये, दो से पांच एकड़ तक पांच हजार रुपये, पांच एकड़ से अधिक 15 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष को जलाएं नहीं व उसका उपयोग पशुओं के चारे के रूप में करने से पशुओं के चारे की समस्या समाप्त होती है। खाद के रूप में प्रयोग करने से मृदा की उर्वरता तथा उत्पादन में वृद्धि होती है। उल्लेखनीय है कि विगत में 16 फसल अवशेष जलने की घटनाएं हुई थीं, जिसमें से एक घटना सैटेलाइट रिमोट सेंसिंग के माध्यम से पकड़ी गई है।