न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) प्रथम ने रिश्ते की भांजी से दुष्कर्म करने वाले एक मामा तो आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। मुकदमा दर्ज होने के बाद पांच माह के बाद ही कोर्ट ने यह सजा सुनाई है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध नौ दिन के अंदर ही आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना हसायन क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने दो फरवरी 2021 को यह मुकदमा दर्ज कराया कि वह मजदूरी पर नलकूप की बोरिंग का काम करता है। उसने कासगंज जिले के निवासी एक व्यक्ति को हेल्परी पर अपने घर पर रख लिया था। 18 जनवरी को जब उसकी पत्नी खेत पर चली गई और वह बोरिंग का काम करने चला गया तो आरोपी ने मौका पाकर उसकी 16 साल की बेटी के साथ दुष्कर्म किया और यह धमकी भी दी कि यदि उसने इस बारे में किसी को बताया तो वह उसके पिता व भाई को जान से मार देगा। धमकी देकर उसने इस किशोरी के साथ कई बार गलत काम किया। आरोपी के खिलाफ इस मामले में मुकदमा दो फरवरी को थाना हसायन में दर्ज किया गया। मुकदमा दर्ज होने के 24 घंटे के अंदर ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
विवेचनाधिकारी ने नौ दिन के अंदर आरोपपत्र कोर्ट में प्रस्तुत कर दिया। आरोपी रिश्ते में इस किशोरी का मामला लगता है। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) प्रथम प्रतिभा सक्सेना के न्यायालय में हुई। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय के आदेश के अनुसार अधिरोपित अर्थदंड की कुल राशि वह पीड़िता को देगा। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी राजपाल सिंह दिसवार ने पैरवी की।